Ashok Kharat Bhondu Baba Case Update
Ashok Kharat Scandal: महाराष्ट्र के बहुचर्चित Ashok Kharat Case में अब परिवार के अन्य सदस्यों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। महिलाओं के यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी के 11 गंभीर मामलों का सामना कर रहे अशोक खरात के बाद, अब उनकी पत्नी कल्पना खरात भी कानून के शिकंजे में हैं। शिरडी में एक बड़े जमीन सौदे में धोखाधड़ी और अवैध साहूकारी का मामला दर्ज होते ही कल्पना फरार हो गई हैं। पिछले दो दिनों से विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इस Legal Action against Kharat Family के तहत, एसआईटी टीम ने मंगलवार की रात नासिक स्थित खरात के आलीशान बंगले पर छापेमारी की। पुलिस को उम्मीद थी कि संदिग्ध कल्पना खरात घर में छिपी हो सकती हैं, लेकिन वे वहां नहीं मिलीं। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके बेटे हर्षवर्धन खरात को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। आधी रात तक चली लंबी पूछताछ के बाद हर्षवर्धन को रिहा कर दिया गया, लेकिन कल्पना का मोबाइल फोन बंद होने के कारण जांच एजेंसियों को उनके ठिकाने का पता लगाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
शिरडी के रहने वाले रावसाहेब गोंडकर ने इस मामले में मुख्य शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि अशोक खरात और उनकी पत्नी ने कर्ज चुकाने के नाम पर भारी ब्याज वसूला और धोखाधड़ी कर गोंडकर की 4 एकड़ की कीमती जमीन हड़प ली। इस मामले में पुलिस ने साहूकारी अधिनियम (Moneylending Act) और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत अशोक खरात, उनकी पत्नी कल्पना और तीन स्थानीय बिचौलियों, अरविंद बावके, किरण सोनावाने और अशोक तांबे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
जैसे-जैसे Expanding Scope of Kharat Probe सामने आ रहा है, वैसे-वैसे पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का पूछना है कि जब अशोक खरात के खिलाफ पहले से ही एसआईटी जांच चल रही थी, तो परिवार के अन्य सदस्यों और संदिग्धों पर नजर क्यों नहीं रखी गई? कल्पना खरात का आसानी से फरार हो जाना पुलिस की सतर्कता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में बिचौलिए अरविंद बावके और किरण सोनवाने को हिरासत में ले लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
एसआईटी और शिरडी पुलिस अब तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जाल के जरिए कल्पना खरात तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। पुलिस को शक है कि वह राज्य के बाहर या किसी सुरक्षित ठिकाने पर शरण लिए हुए हैं। इस Kharat Criminal Network Investigation में अब तक कई सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आने की संभावना है, जो जमीन हड़पने और साहूकारी के इस काले कारोबार में खरात के मददगार रहे हैं।