

Shirdi Crime News: महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध धार्मिक शहर शिरडी में रविवार रात एक अप्रिय घटना ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। श्रीरामनगर-कनकुरी रोड इलाके में टहलने निकले एक मौलाना पर बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना रविवार रात करीब 8 बजे की है, जब पूरा इलाका रमजान के पवित्र महीने की इबादत में जुटा था। इस हमले के बाद शिरडी के कुछ हिस्सों में तनाव फैल गया, जिसे देखते हुए पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और हमलावरों की पहचान के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
घायल मौलाना की पहचान दानिश नफीस चौधरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से देवबंद के रहने वाले हैं। वे विशेष रूप से रमजान के महीने में तरावीह की नमाज अदा कराने के लिए शिरडी की एक मस्जिद में आमंत्रित किए गए थे। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब मौलाना नमाज के समय से कुछ देर पहले ताजी हवा के लिए मस्जिद के पास टहल रहे थे।
वारदात के समय मौलाना दानिश नफीस चौधरी श्रीरामनगर स्थित श्रीगणेश कुंड क्षेत्र के पास से गुजर रहे थे। तभी अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवक उनके करीब आए और उन पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। हमला इतनी तेजी से हुआ कि मौलाना को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल मौलाना को तुरंत लहूलुहान हालत में स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया।
मौलाना दानिश को शिरडी के साईं बाबा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है। परिजनों और अस्पताल सूत्रों के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और वे खतरे से बाहर हैं। घटना की खबर मिलते ही मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा। समुदाय ने रमजान जैसे पवित्र समय में इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा की है।
शिरडी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूनम नगर और आसपास के सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस की कई टीमें हमलावरों के भागने के रूट को ट्रैक कर रही हैं। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की सांप्रदायिक अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा करने से बचें। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।