अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashok Kharat Case SIT Complaint: महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार हुए स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसके काले कारनामों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) को पिछले पांच दिनों में 50 से अधिक फोन कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनमें लोगों ने खरात द्वारा किए गए विभिन्न अपराधों की जानकारी दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी ने अशोक खरात के बारे में जानकारी साझा करने के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किए थे। इन नंबरों पर औसतन रोजाना 15 से 20 कॉल आ रही हैं। अब तक मिली 50 से अधिक कॉल्स में यौन उत्पीड़न, जमीन हड़पने और डराने-धमकाने जैसी गंभीर शिकायतें शामिल हैं। पुलिस इन सभी शिकायतों का सत्यापन कर रही है ताकि केस को और मजबूत बनाया जा सके। एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
शुक्रवार को एसआईटी की टीम ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ सिन्नर स्थित खरात के कार्यालय का दौरा किया। घंटों चली इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में फाइलें, डायरी और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि इन डायरियों में खरात के संपर्कों और अवैध लेनदेन का कच्चा चिट्ठा छिपा हो सकता है।
नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को अशोक खरात का रिवॉल्वर लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। खरात ने 2012 में यह लाइसेंस लिया था और हाल ही में इसे 2028 तक के लिए रिन्यू कराया था। शस्त्र अधिनियम की धारा 17(3) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
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अशोक खरात, जो सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है, उसे 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उस पर एक 35 वर्षीय महिला ने तीन साल तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों का साहस बढ़ा और अब तक उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोपों में 8 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।