Ashok Kharat Family Investigation (फोटो क्रेडिट-X)
Ashok Kharat Family Investigation: महाराष्ट्र के नासिक में खुद को ‘गॉडमैन’ और ‘कैप्टन’ बताने वाले अशोक खरात के काले साम्राज्य की जड़ें अब उसके परिवार और प्रशासनिक गलियारों तक फैल चुकी हैं। विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए खरात के बेटे हर्षवर्धन और उसकी बेटी को पूछताछ के लिए तलब किया है। आज इन दोनों से खरात के वित्तीय लेन-देन और घर में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कड़े सवाल पूछे जाएंगे।
गौरतलब है कि मुख्य आरोपी अशोक खरात की पुलिस हिरासत का आज आखिरी दिन है। उसे कल, बुधवार (8 अप्रैल) को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। एसआईटी अदालत से उसकी कस्टडी बढ़ाने की मांग कर सकती है, क्योंकि अभी भी कई अहम कड़ियों का जुड़ना बाकी है। वहीं, मामले की सह-आरोपी और खरात की पत्नी कल्पना खरात गिरफ्तारी के डर से अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह खरात के प्रशासनिक और पुलिस संपर्कों को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, एक महिला IAS अधिकारी के बाद अब दो वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी भी एसआईटी की रडार पर हैं। इनमें एक पुलिस उपायुक्त (DCP) और दूसरी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रैंक की अधिकारी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन अधिकारियों ने अपनी मनचाही पोस्टिंग के लिए खरात के ‘प्रभाव’ का इस्तेमाल किया था। एसआईटी अब उनके बीच हुए संभावित आर्थिक लेन-देन और कॉल रिकॉर्ड्स की गहराई से पड़ताल कर रही है।
खरात के खिलाफ नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में पहले से ही 10 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें यौन शोषण और गंभीर धोखाधड़ी शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि जैसे-जैसे खरात का मामला मीडिया में उछला है, एसआईटी को हेल्पलाइन के जरिए 100 से अधिक नई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से अधिकतर शिकायतें महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से संबंधित हैं। इसके अलावा, 31 मार्च को खरात और उसकी पत्नी के खिलाफ एक भूस्वामी से 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया था।
आज शाम (7 अप्रैल) एसआईटी एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अब तक की जांच की प्रगति साझा कर सकती है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि खरात के बच्चों से पूछताछ में उसकी फरार पत्नी कल्पना के ठिकाने और उन गुप्त बैंक खातों की जानकारी मिल सकेगी, जिनमें धोखाधड़ी की रकम जमा की गई है। नासिक की जनता और राजनीतिक गलियारों की निगाहें अब कल होने वाली कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहाँ खरात के भविष्य का फैसला होगा।