खेती में आएगा बदलाव! प्याज भंडारण से लेकर फसल बीमा तक AI की मदद
किसानों की भलाई में एग्रीकल्चर सेक्टर के द्वारा चलायी जाने वाली अलग अलग योजनाओं को लागू करते समय और मेहनत को बचाने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- Written By: अपूर्वा नायक
नाशिक न्यूज (सौ. डिजाइन फोटो )
Agriculture Sector Of Nashik: किसानों के हित में कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को लागू करते समय और श्रम बचाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, यह निर्देश जिलाधिकारी जलज शर्मा ने एक बैठक में दिए, बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में जिलाधिकारी शर्मा के साथ-साथ विभागीय कृषि सह-निदेशक सुभाष कातकर, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रविंद्र माने और आत्मा के परियोजना निदेशक अभिमन्यु काशिद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी शर्मा ने कहा कि आज हर क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रभावी उपयोग देखने को मिल रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि दैनिक कार्यों को निपटाने के लिए पारंपरिक कार्यप्रणाली में बदलाव करके इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्याज के भंडारण के लिए किसानों को प्याज भंडारण गृह के लिए अनुदान दिया जाता है।
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प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक उपकरणों के बजाय सुरक्षित उपकरणों के निर्माण के लिए एक नया डिजाइन तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने फसल निरीक्षण और पंजीकरण के लिए भी इस तकनीक का उपयोग करने और किसानों के लिए इसके उपयोग पर कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी शर्मा ने कहा कि नाशिक महानगरपालिका किसानों को ‘किसान-से-ग्राहक बिक्री केंद्र’ शुरू करने के लिए जगह उपलब्ध कराएगी। कृषि विभाग को ऐसे केंद्र स्थापित करने के लिए कम से कम 10 स्थानों का चयन करना चाहिए। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को एक निश्चित बाजार मिलेगा और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही, उन्होंने कृषि विभाग को योजनाओं के प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
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विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा
इस अवसर पर जिलाधिकारी शर्मा ने कृषि समृद्धि योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती अभियान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, महावेध परियोजना, प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मुख्यमंत्री शाश्वत सिंचाई योजना, अटल भूजल योजना, सूखा क्षेत्र विकास कार्यक्रम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण अभियान, राष्ट्रीय खाद्य तेल अभियान और फसलों पर कीट और रोग सर्वेक्षण और सलाह परियोजना (क्रीनसँग) सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
