

Heavy Rain In Marathwada: पिछले पंद्रह दिनों में भारी वर्षा से प्रभावित नांदेड़ जिले में फिर से तेज बारिश ने तबाही मचाई। भारी बारिश के कारण जिले की कई नदियों और नालों में बाढ़ आ गई, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बुधवार शाम से जिले में बारिश का दोबारा आगमन हुआ, कुछ गांवों में रात से तो कुछ में गुरुवार सुबह से ही मूसलधार बारिश शुरू हो गई। इससे जिले में एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
प्रशासन ने एहतियातन नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। खासकर मुखेड़ तहसील में अत्यधिक वर्षा के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मुखेड़ तहसील के चांडोला, येवती, मुखेड़, जांब, बार्हाली, मुक्रमाबाद, अंबुलगा और जाहूर इन 8 मंडलों में भारी बारिश का गंभीर असर देखने को मिला है। यहां के अधिकांश गांवों का संपर्क कट चुका है।
हसनाल और रावणगांव जैसे डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों को बारिश के पानी ने चारों ओर से घेर लिया है। नतीजतन मराठवाड़ा के लातूर और नांदेड़ जिलों में कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत व बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कंधार तहसील भी मूसलधार बारिश की चपेट में आ गया है। बारिश के कारण तहसील के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इनमें हालदा, दहीकलंबा, भूकमारी, धानोरा कौठा, चौकी महाकाय, मंगलसांगवी, लाडका, गोणार, शेलाली, चौकी धर्मपुरी, देवईचीवाडी, गुंडा, जाकापूर, चिखली, नारनाली, आलेगाव, बारूल, पेठवडज, औराल जैसे करीब 20 गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस भारी बारिश के कारण लाडका, मानसिंगवाडी, रुई और मोहिदा परांडा - इन चार गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। तहसील के कई रास्ते जलमग्न हो गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक कंधार तहसील में औसतन 55.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रशासन के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला फिलहाल जारी है और इसका प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।
नायगांव तहसील के नरसी गांव में गुरुवार को सर्वाधिक 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नायगांव के कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नरसी-बिलोली मार्ग को यातायात के लिए फिलहाल बंद कर दिया गया है।
इसी तरह, मुखेड़ तहसील का जाहूर-उंद्री-देगलूर मार्ग भी बंद हो गया है। पूरा खेत-खलिहान पानी में डूब चुका है। पहले से ही पानी में डूबे फसलें अब पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। गडगा परिसर में रात से ही बादल फटने जैसी तेज बारिश जारी है और अब भी जोरदार वर्षा हो रही है। कई घरों में पानी भर गया है, जिससे कृषि को भारी नुकसान हुआ है। नालों और ओहलों में पानी उफान पर है और वे लबालब भरकर बह रहे हैं।