CBI के रडार पर अनिल अंबानी के बेटे! दिल्ली में 6 घंटे से ज्यादा चला सवाल-जवाब, जानें क्या है पूरा मामला

Anil Ambani: सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि जय आज सुबह दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में जांच अधिकारी के सामने पेश हुए और उनसे लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई।
Jai Anmol Ambani And Anil Ambani
जय अनमोल अंबानी और अनिल अंबानी, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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Anil Ambani Son CBI Questioning: रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में जांच एजेंसी सीबीआई का दायरा बढ़ने लगा है। इस मामले में सीबीआई ने अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से पूछताछ की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अनिल अंबानी से इस मामले में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।

सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि जय आज सुबह दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में जांच अधिकारी के सामने पेश हुए और उनसे लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई। उन्हें आगे की पूछताछ के लिए शनिवार को फिर से पेश होने का निर्देश दिया गया है।

यूनियन बैंक से जुड़ा है मामला

दरअसल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया था। इसके तहत बैंक को लगभग 228.06 करोड़ रुपये का गलत नुकसान पहुंचाने वाली वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। बीते साल 6 दिसंबर को दर्ज किए गए इस मामले में रिलायंस होम फाइनेंस, पूर्व सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधालकर, जय अनमोल अंबानी और कई अज्ञात व्यक्तियों एवं सरकारी कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्ववर्ती आंध्र बैंक) सहित 18 वित्तीय संस्थानों से 5,572.35 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इस खाते को 30 सितंबर, 2019 को एनपीए घोषित किया गया और अक्टूबर 2024 में इसे फ्रॉड के रूप में वर्गीकृत किया गया।

दिल्ली HC पहुंचे थे अनमोल अंबानी

यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट भी गया था। दिल्ली हाईकोर्ट में जय अनमोल अंबानी के वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि 22 दिसंबर 2025 को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस मूल रूप से त्रुटिपूर्ण था। उन्होंने दलील दी कि चूंकि रिलायंस होम फाइनेंस के लिए समाधान योजना को सभी ऋणदाता बैंकों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले ही अनुमोदित कर दिया गया था, इसलिए कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के कोई आरोप नहीं बनते। यह भी कहा गया कि किसी भी स्थिति में, बैंक के पास 2020 से ही संबंधित जानकारी मौजूद थी और पांच साल बाद कारण बताओ नोटिस जारी करना कानून के विरुद्ध है।

अनिल अंबानी के खिलाफ ED का एक्शन

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस से जुड़े मामले में 581 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। ईडी ने एक बयान में कहा कि 11 मार्च को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में भूखंडों को कुर्क करने का अंतरिम आदेश जारी किया गया।

16,310 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

ईडी ने कहा कि यह कुर्की छह मार्च को रिलायंस पावर लिमिटेड के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चलाये गये मामले में तलाशी अभियान के बाद की गई है। ईडी ने इससे पहले भी अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की संपत्तियों को कुर्क किया था। अब रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य कुल 16,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

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