तख्त सचखंड श्री हजूर अचलनगर साहिबजी नांदेड़ में हिंद की चादर प्रोग्राम के मौके पर श्री सचखंड गुरुद्वारा से एक बड़ा नगर कीर्तन निकाला गया (सोर्स: सोशल मीडिया)
Guru Tegh Bahadur 350th Shaheedi Diwas: मानवता और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर नांदेड़ की धरती भक्ति के रंग में सराबोर है। तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब से शुरू हुए इस दो दिवसीय समागम में देशभर से संगत पहुंच रही है।
शनिवार सुबह तख्त सचखंड श्री हजूर अबचल नगर साहिब से भव्य ‘नगर कीर्तन’ के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन की शुरुआत हुई। कार्यक्रम स्थल पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को पूर्ण मर्यादा और श्रद्धा के साथ सुशोभित किया गया। इस दौरान वातावरण गुरबानी के पाठ, अरदास और कीर्तन की पवित्र ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा। जब पालकी साहब कार्यक्रम स्थल पर पहुंची, तो पुलिस बल द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब जी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी गारद) देकर सम्मानित किया गया।
#Nanded: श्री गुरु तेग बहादूर साहिबजी यांच्या साडेतीनशेव्या शहीदी वर्षानिमित्त नांदेड इथं सोहळ्याचा प्रारंभ श्री गुरु ग्रंथ साहिब नगर कीर्तनाने झाला.#350thShaheedi #GuruTeghBahadurJi #hinddichadar #shahidisamagam pic.twitter.com/WmmJWXiQ1p — AIR News Mumbai, आकाशवाणी मुंबई (@airnews_mumbai) January 24, 2026
इस समागम की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन और आयोजकों को देशभर से लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। संगत की सुविधा के लिए 52 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां रहने, लंगर और स्वास्थ्य सेवाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
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आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि इस ‘शहीदी समागम’ का मुख्य उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के उस महान बलिदान को याद करना है, जो उन्होंने समाज में धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता को जीवित रखने के लिए दिया था। यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक ऐसा स्रोत है, जो मानवता और परोपकार का संदेश देता है।
इस पावन अवसर पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन, राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण और शहीदी समागम राज्य समिति के समन्वयक रमेश्वर नायक सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अतिथियों ने गुरु साहिब के चरणों में माथा टेका और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। दो दिनों तक चलने वाला यह समागम कीर्तन दरबार और ढाडी जत्थों की प्रस्तुतियों के साथ जारी रहेगा।