नांदेड़ में ‘हिंद की चादर’ समागम का शंखनाद, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर उमड़ा जनसैलाब
Nanded News: महाराष्ट्र के नांदेड़ में नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर भव्य 'हिंद की चादर' कार्यक्रम का आगाज हुआ। जिसमें लाखों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है।
- Written By: आकाश मसने
तख्त सचखंड श्री हजूर अचलनगर साहिबजी नांदेड़ में हिंद की चादर प्रोग्राम के मौके पर श्री सचखंड गुरुद्वारा से एक बड़ा नगर कीर्तन निकाला गया (सोर्स: सोशल मीडिया)
Guru Tegh Bahadur 350th Shaheedi Diwas: मानवता और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर नांदेड़ की धरती भक्ति के रंग में सराबोर है। तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब से शुरू हुए इस दो दिवसीय समागम में देशभर से संगत पहुंच रही है।
नगर कीर्तन और गुरु ग्रंथ साहिब की भव्य स्थापना
शनिवार सुबह तख्त सचखंड श्री हजूर अबचल नगर साहिब से भव्य ‘नगर कीर्तन’ के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन की शुरुआत हुई। कार्यक्रम स्थल पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को पूर्ण मर्यादा और श्रद्धा के साथ सुशोभित किया गया। इस दौरान वातावरण गुरबानी के पाठ, अरदास और कीर्तन की पवित्र ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा। जब पालकी साहब कार्यक्रम स्थल पर पहुंची, तो पुलिस बल द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब जी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी गारद) देकर सम्मानित किया गया।
#Nanded: श्री गुरु तेग बहादूर साहिबजी यांच्या साडेतीनशेव्या शहीदी वर्षानिमित्त नांदेड इथं सोहळ्याचा प्रारंभ श्री गुरु ग्रंथ साहिब नगर कीर्तनाने झाला.#350thShaheedi #GuruTeghBahadurJi #hinddichadar #shahidisamagam pic.twitter.com/WmmJWXiQ1p — AIR News Mumbai, आकाशवाणी मुंबई (@airnews_mumbai) January 24, 2026
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10 लाख श्रद्धालुओं के लिए 52 एकड़ में ‘मिनी सिटी’
इस समागम की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन और आयोजकों को देशभर से लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। संगत की सुविधा के लिए 52 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां रहने, लंगर और स्वास्थ्य सेवाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
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मानवता और सहिष्णुता का वैश्विक संदेश
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि इस ‘शहीदी समागम’ का मुख्य उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के उस महान बलिदान को याद करना है, जो उन्होंने समाज में धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता को जीवित रखने के लिए दिया था। यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक ऐसा स्रोत है, जो मानवता और परोपकार का संदेश देता है।
प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन, राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण और शहीदी समागम राज्य समिति के समन्वयक रमेश्वर नायक सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अतिथियों ने गुरु साहिब के चरणों में माथा टेका और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। दो दिनों तक चलने वाला यह समागम कीर्तन दरबार और ढाडी जत्थों की प्रस्तुतियों के साथ जारी रहेगा।
