श्रमिकों का देशव्यापी जेल भरो आंदोलन: 1,400 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में, सड़क पर उतरे मजदूर

Nagpur Workers Protest: केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में श्रमिकों ने ‘जेल भरो’ आंदोलन किया। ‘रास्ता रोको’ के दौरान 1,400 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बाद में रिहा कर दिया गया।
Workers' nationwide 'Fill the Jails' protest
श्रमिकों का देशव्यापी जेल भरो आंदोलननवभारत फोटो
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Nagpur Workers Jail Bharo Protest: केंद्र सरकार की मजदूर, किसान और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को संगठित और असंगठित क्षेत्रों के हजारों श्रमिकों ने 'जेल भरो' आंदोलन किया।

'रास्ता रोको' कर रहे लगभग 1,400 से अधिक आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में सभी को रिहा कर दिया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) और कामगार संगठना संयुक्त कृति समिति के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया।

संविधान चौक पर जोरदार प्रदर्शन

सोमवार को दोपहर 1 बजे संविधान चौक पर आंदोलन का आह्वान किया गया था लेकिन सुबह 11 बजे से ही वहां भीड़ जुटने लगी थी। दोपहर 2 बजे आंदोलन शुरू होते ही सरकार विरोधी नारे गूंजने लगे। वक्ताओं के संबोधन के बाद कामगारों ने संविधान चौक पर दौड़ लगाई और रोष व्यक्त करते हुए 'रास्ता रोको' किया जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

परिणामस्वरूप पुलिस ने आंदोलनकारियों को 5 से 6 वाहनों में भरकर हिरासत में ले लिया। कुछ लोगों को पुलिस अपने साथ ले गई, जबकि कई लोगों के लिए पर्याप्त वाहन उपलब्ध न होने पर उन्हें मौके पर ही हिरासत में लेने की औपचारिकता पूरी की गई। बाद में सभी को छोड़ दिया गया। आंदोलन में श्याम काले, चंद्रशेखर मौर्य, अजय बक्शी, ज्योति अंडरसहारे, वनिता कापसे, उपस्थित थे।

Workers' nationwide 'Fill the Jails' protest
संपादकीय: न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुद्दा, आंदोलनकारी किसानों से बातचीत जल्दी क्यों नहीं

प्रमुख मांगें

  • श्रम संहिताओं को वापस लेकर पुराने श्रम कानूनों को फिर से लागू किया जाए।

  • किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी मिले।

  • वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।

  • काम के घंटे निश्चित रूप से 8 घंटे किए जाए।

  • विद्युत सुधार विधेयक 2025 को रद्द किया जाए।

  • योजना कार्यकर्ताओं सहित अन्य सभी कर्मचारियों को कम से कम 42,000 मासिक वेतन दिया जाए।

  • किसानों और गरीबों के लिए व्यापक कर्जमाफी योजना लागू की जाए।

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