यह तो एक झांकी है, अभी 2 और बाकी हैं...संविधान चौक पर छात्रों का उत्साह, इस्तीफे की खबर के बाद मनाया जश्न

Nagpur Protest NEET Paper Leak: नागपुर के संविधान चौक पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-युवा जुटे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी और जश्न मनाया।
This is just a glimpse; two more are yet to come... Students showed great enthusiasm at Samvidhan Chowk, celebrating after the news of the resignation.
नागपुर छात्र आंदोलन, नीट पेपर लीक,(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nagpur Protest NEET Paper Leak Constitution Square: नागपुर नीट पेपर लीक मामले में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जहां दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा था तो दूसरी ओर नागपुर के संविधान चौक पर भी कॉकरोच व जेन-जी अपना रोष जता रहे थे।

शनिवार को दोपहर से ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा व नागरिक संविधान चौक पर जमना शुरू हो गए थे। जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पहुंची वैसे ही आंदोलनकारियों का जल्लोष शुरू गया।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना नारे लगने शुरू हो गए। 'यह तो एक झांकी है, अभी 2 और बाकी हैं...' के नारों से परिसर गूंज उठा। इसके बाद जय हो... गीत की धुन पर युवाओं ने डांस करते हुए अपने आंदोलन की सफलता का जश्न मनाया।

तानाशाही पर लोकतंत्र की जीत

आंदोलनकारी युवाओं ने इस जीत को 'तानाशाही पर लोकतंत्र की विजय' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में फिर ऐसी स्थिति बनी तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। संविधान चौक पर जेन-जी ने एक-दूसरे को बूंदी के लड्डू, जलेबी, सोनपापड़ी और पेड़े खिलाकर खुशी मनाई। साथ ही नागपुर के प्रसिद्ध पोहे का भी आनंद लिया गया। उनके हाथों में आंदोलन की सफलता के संदर्भ में विविध संदेश लिखे हुए आकर्षक पोस्टर्स लहरा रहे थे।

कोई स्पाइडरमैन की वेशभूषा में आया था तो कोई कॉकरोच के परिधान में सहभागी हुआ था। आंदोलनकारियों ने कहा कि भारतीय संविधान सर्वोपरि है और लोकतंत्र से ऊपर कोई सरकार नहीं हो सकती। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रतिदिन हजारों युवक-युवतियां संविधान चौक पर जुट रहे थे। शनिवार को आंदोलन की सफलता के बाद एक तरह से इसका समापन दिखाई दिया। हालांकि शाम को रविवार को भी विजय उत्सव जारी रखने की अपील की गई।

बदले बैनर, लगे नए पोस्टर

दोपहर तक संविधान चौक पर आंदोलन की तैयारी चल रही थी लेकिन दोपहर करीब 2 बजे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही कॉकरोच और जेन जी के कार्यकर्ता करीब एक घंटे बाद नए अंदाज में पहुंचे।

पुराने बैनरों की जगह नए नारे और संदेशों वाले पोस्टर तैयार कर लाए गए। देखते ही देखते पूरे परिसर का माहौल बदल गया।

ऐसा लग रहा था मानो किसी बड़ी लड़ाई में जीत मिली हो और लोकतंत्र की रक्षा होने की खुशी चारों ओर छा गई हो। पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त था और वह भी सहयोगात्मक भूमिका में रही।

आकांक्षा की मां की पुकार से भावुक हुआ माहौल

नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद मानसिक तनाव में आत्महत्या करने वाली आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी दूसरे दिन भी संविधान चौक पर पहुंचीं। उन्होंने भावुक होकर कहा, मैंने अपनी बेटी खो दी, लेकिन अब तुम सब ही मेरे बच्चे हो। उनके इतना कहते ही वहां मौजूद लोगों की आखें नम हो गई।

कई महिलाएं और पुरुष भावुक हो उठे। उन्होंने यह भी कहा, 'एक कुर्सी खाली हुई है। अभी दो और खाली करनी है।' उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर संकेत किया।

उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री की बेटी विदेश में शिक्षा ले रही हो तो हमारे जैसे परिवार के बच्चों के लिए देश में ही छोटे शहरों में

शिक्षा की अच्छी व्यवस्था हो। उन्होंने इस बात पर भी खेद जताया कि बेटी की आत्महत्या के 2 महीने बाद भी सरकार का कोई प्रतिनिधि उनके घर पूछ-परख को नहीं आया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और ऐसा अब नहीं होना चाहिए।

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