नागपुर में करंट लगने से भालू की मौत: खेत की बिजलीयुक्त तारों की चपेट में आया वन्यजीव, आरोपी गिरफ्तार
Nagpur Wildlife News: नागपुर के देवलापार वनक्षेत्र में बिजली प्रवाहित तारों की चपेट में आने से एक भालू की मौत हो गई। वन विभाग ने किसान को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर वन्यजीव, भालू की मौत, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Wildlife Bear Death: नागपुर जिले में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चिंताजनक घटना सामने आई है। देवलापार वनपरिक्षेत्र में खेत की घेराबंदी के लिए लगाए गए बिजली प्रवाहित तारों की चपेट में आने से एक भालू की मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी किसान को हिरासत में ले लिया है। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और खेतों में अवैध रूप से करंट छोड़ने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला देवलापार वनपरिक्षेत्र अंतर्गत मौजा उमरी का है, जहां जयदेव सलामे का खेत स्थित है। बताया जा रहा है कि खेत को जंगली जानवरों से बचाने के उद्देश्य से खेत की तारों से घेराबंदी की गई थी। आरोप है कि इन तारों में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़ा गया था, ताकि वन्यजीव खेत में प्रवेश न कर सकें।
इसी दौरान एक भालू खेत के आसपास पहुंच गया और बिजलीयुक्त तारों की चपेट में आ गया। करंट लगने से भालू की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कुछ समय पहले हुई थी, लेकिन शुक्रवार को इसकी जानकारी वन विभाग को मिली, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
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करंट लगने से भालू की मौत, खेत मालिक हिरासत में
सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी एस.बी. टुले, मानद वन्यजीव रक्षक अविनाश लोंढे, क्षेत्र सहायक ए.वी. जानवार, कोमल राऊत सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर पंचनामा करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की।
प्राथमिक जांच में वन विभाग ने पाया कि खेत की घेराबंदी में लगाए गए तारों में बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इसी करंट की चपेट में आने से भालू की मौत हुई। मामले को गंभीर मानते हुए वन विभाग ने खेत मालिक जयदेव सलामे को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृत भालू का पोस्टमार्टम पशुधन विकास अधिकारी किशोर भदाने द्वारा किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तब तक भालू का शव काफी हद तक सड़ चुका था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन विभाग ने नियमानुसार मृत भालू का अंतिम संस्कार कर दिया।
खेतों में करंट वाले तार खतरनाक, वन विभाग की अपील
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों के खेतों में घुसने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके चलते कई किसान फसलों की सुरक्षा के लिए अवैध तरीके अपनाने लगते हैं। हालांकि, खेतों की तारों में बिजली प्रवाहित करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे वन्यजीवों और इंसानों दोनों की जान को खतरा होता है।
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वन विभाग ने नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे फसल सुरक्षा के लिए वैध और सुरक्षित उपाय अपनाएं तथा किसी भी स्थिति में बिजली प्रवाहित तारों का इस्तेमाल न करें। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
