WCL का फोरमैन रिश्वत लेते धराया, सीबीआई ने 40,000 रुपए लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार
WCL Foreman Arrested: सीबीआई नागपुर ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के फोरमैन को कर्मचारी तबादले के बदले ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
WCL Foreman Arrested:सीबीआई नागपुर ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bribe Case Nagpur: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की नागपुर शाखा ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के एक फोरमैन को कर्मचारी तबादलों के बदले रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। सीबीआई के अनुसार, 9 जनवरी 2026 को यवतमाल जिले की वानी तहसील स्थित नीलजई उपक्षेत्र की नायगांव ओपन कास्ट माइन में पदस्थ फोरमैन इंचार्ज दीपक जायसवाल के खिलाफ एक लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता भी डब्ल्यूसीएल का कर्मचारी है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दीपक जायसवाल ने डब्ल्यूसीएल के दो कर्मचारियों के आपसी तबादले में सहायता करने के लिए 50,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया गया कि प्रति तबादला 25,000 रुपए की मांग की गई थी, जिनमें से एक कर्मचारी शिकायतकर्ता का रिश्तेदार है।
सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन किया
मामला दर्ज करने से पहले सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन किया। 9 जनवरी 2026 को स्वतंत्र पंचों की मौजूदगी में रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान हुई बातचीत में आरोपी ने कथित तौर पर रिश्वत की राशि 50,000 रुपए से घटाकर 40,000 रुपए करने पर सहमति जताई, यानी प्रति कर्मचारी तबादले के लिए 20,000 रुपए तय किए गए।
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रकम बरामद-आरोपी हिरासत में
रिश्वत की पुष्टि के बाद 10 जनवरी 2026 को सीबीआई ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 40,000 रुपए की रिश्वत स्वीकार की, सीबीआई टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और मौके पर ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।सीबीआई ने बताया कि मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस प्रकरण में अन्य अधिकारी शामिल थे या इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं।
