प्रबंधन को 72 घंटे का अल्टीमेटम, वाठोडा बस डिपो कर्मियों के शोषण पर NCP का ‘एल्गार’
Nagpur NCP Protest: वाठोडा बस डिपो के कंडक्टर, चालक और कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन, बकाया भत्ते और अपूर्ण ड्यूटी के विरोध में NCP के साथ आंदोलन किया। 72 घंटे का अल्टीमेटम।
- Written By: प्रिया जैस
एनसीपी का आंदोलन (सौजन्य-नवभारत)
Wathoda Bus Depot Movement: वाठोडा बस डिपो में कार्यरत कंडक्टर, चालक और रखरखाव कर्मचारियों के गंभीर मुद्दों पर शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत) की ओर से तीव्र आंदोलन किया गया। लंबे समय से कर्मचारी न्यूनतम वेतन, बकाया भत्ते और अपर्याप्त ड्यूटी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस संदर्भ में कई बार प्रबंधन को आगाह भी किया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हो पाया।
यही कारण है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के कार्याध्यक्ष श्रीकांत शिवणकर के मार्गदर्शन में डिपो प्रबंधन को प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से कानूनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान पार्टी ने कामगारों के शोषण की कड़ी निंदा की। साथ ही कर्मचारियों की मांगों पर तुरंत निर्णय लेने की मांग भी की।
प्रमुख अनियमितताएं और मांगें
- कामगार कानून के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है।
- कर्मचारी पूरे महीने उपलब्ध होते हुए भी उन्हें जानबूझकर अपूर्ण ड्यूटी दी जा रही है, जिससे उनकी आय कम हो रही है।
श्रम कानून का खुला उल्लंघन
श्रीकांत शिवणकर ने स्पष्ट किया कि यह श्रम कानून का खुला उल्लंघन है। उन्होंने प्रबंधन को इन सभी मुद्दों पर अगले 72 घंटों के भीतर ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि कर्मचारियों के बकाया वेतन और भत्तों का प्रश्न हल किया जा सके।
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एनसीपी ने चेतावनी दी कि यदि यह समाधान नहीं निकाला गया, तो पार्टी वाठोडा डिपो के कर्मचारियों के समर्थन में कड़ा आंदोलन करेगी और कानूनी मार्गों का सहारा लेगी। आंदोलन में जानबा मस्के, ब्रह्मानंद मस्के, मुकेश रेवतकर, संतोष भुजाडे, संदीप सातपुते, राजेंद्र भोयर, उदय ढोमणे, शोभा येवले सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
