विदर्भ मोर्चा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nagpur News: स्वतंत्र विदर्भ राज्य के गठन की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति द्वारा मिशन 2027 के तहत आंदोलन तेज किया गया है। इसी कड़ी में रविवार 22 फरवरी 2026 को नागपुर में विदर्भ निर्माण जनसंकल्प लॉन्ग मार्च और भव्य जनसभा का आयोजन किया गया है। समिति ने पत्र परिषद में बताया कि वर्ष 2027 की समय सीमा तय कर विदर्भ की मांग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
वर्ष 2025 के अंत तक विदर्भ के दूरदराज क्षेत्रों सहित छह जनसंकल्प सभाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें जनसहभागिता उल्लेखनीय रही है। समिति का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार भारी कर्ज और वित्तीय दायित्वों के बोझ तले दबी हुई है। राज्य पर लाखों करोड़ रुपये का कर्ज और बकाया भुगतान लंबित है, जिसके कारण विदर्भ को नागपुर समझौते के अनुसार सिंचाई और विकास का उचित हिस्सा नहीं मिल पा रहा है।
परिणामस्वरूप सिंचाई परियोजनाएं अधूरी हैं, किसान आत्महत्याएं, कुपोषण, बेरोजगारी और नक्सल समस्या जैसे गंभीर मुद्दे लगातार बने हुए हैं। स्वतंत्र विदर्भ राज्य ही इन समस्याओं का स्थायी समाधान है। विदर्भ निर्माण जनसंकल्प लॉन्ग मार्च दोपहर 12 बजे नागपुर के विदर्भ चंडिका मंदिर, शहीद चौक, इतवारी से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए रुईकर चौक तक जाएगा।
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दोपहर 2 बजे चिटणीस पार्क में विशाल जनसभा होगी। इसमें विदर्भ के 11 जिलों के 120 तहसीलों से पांच हजार से अधिक प्रतिनिधि और विदर्भ समर्थक शामिल होंगे। समिति ने आम नागरिकों से अपने अधिकारों के लिए बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष वामनराव चटप, अरुण केदार, संजय केवट, डॉ। रमेश गजबे, स्वप्नील चंद्रिकापुरे और पदाधिकारी उपस्थित थे।