विदर्भ में मनपा चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Vidarbha Polling Day Violence: महानगरपालिका चुनावों में अकोला, अमरावती और चंद्रपुर में मतदाताओं में सुबह से ही खास उत्साह नजर नहीं आया। दोपहर तक मतदान की रफ्तार बेहद धीमी रही, हालांकि शाम होते-होते कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगती दिखाई दीं। तीनों महानगरपालिकाओं में औसतन 57.62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
चंद्रपुर में चुनाव के दौरान एक मतदान केंद्र पर दो महिला उम्मीदवारों के पतियों के बीच मारपीट की घटना सामने आई, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं अकोला में मतदान के लिए पहुंचे एक वृद्ध मतदाता की हृदयाघात से मौत हो गई। दोपहर 3.30 बजे तक अकोला में 43.35 प्रश, अमरावती में 40.62 प्रतिशत और चंद्रपुर में 38.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
शाम के समय मतदान प्रतिशत में आंशिक बढ़ोतरी हुई। अमरावती में सुबह से मतदान की गति धीमी रही। मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कारण कई मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग प्रभागों में दर्ज पाए गए।
प्रभाग क्रमांक 12 स्थित नरसम्मा कॉलेज मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीनें उल्टे क्रम में लगाए जाने का आरोप पूर्व विधायक अभिजीत अडसूल ने वीडियो जारी कर लगाया। नागपुर शहर में मतदान की पूर्व संध्या पर हुई कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो, मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चली और शांतिपूर्ण रही।
नागपुर के मनपा चुनाव के इतिहास में भले ही बैलेट पेपर से चुनावों के दौरान कुछ बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं होती रही हों, किंतु ईवीएम से वोटिंग शुरू होने के बाद से इन घटनाओं पर कुछ हद तक अंकुश लग गया। उत्तर नागपुर के कुछ मतदान केंद्रों के भीतर भी हंगामा देखा गया। जरीपटका जैसे इलाके में 2 बूथों पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में हाथापाई तक हुई।
उत्तर नागपुर के कई इलाकों के कुछ मतदान केंद्रों के परिसर पुलिस छावनी के रूप में तब्दील हो चुके थे। जहां सुबह तो स्थिति काफी शांतिपूर्ण दिखाई देती रही, किंतु जैसे-जैसे तापमान बढ़ा, उसी क्रम से सियासी तापमान भी बढ़ता दिखाई दिया। राजनीतिक दलों द्वारा मतदान केंद्रों के आसपास लगाए गए बूथ पर भारी मात्रा में पार्टी समर्थक और कार्यकर्ता जुटे हुए थे, जहां मतदाताओं को फुसलाने जैसी कुछ हरकतों के बाद जरीपटका, नारा, सुगत नगर और देर शाम सुयोग नगर में भी गड़बड़ी को लेकर मामला तनावपूर्ण हो गया।
गुरुवार को हुए महानगर पालिका चुनाव के मतदान के दौरान मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी सामने आई। किसी का मतदान केंद्र बदल गया तो किसी का प्रभाग ही बदल दिया गया। कई स्थानों पर मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज पाए गए, तो कई जीवित मतदाताओं के नाम सूची से गायब थे। इससे मतदाताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई मतदाता अपने मताधिकार से वंचित रह गए।
अकोला के प्रभाग क्रमांक 18 स्थित शाहबाबू हाईस्कूल मतदान केंद्र पर मतदान के लिए आए एक वृद्ध मतदाता की मौत हो गई। मृतक की पहचान गौतम गरड़ (62) के रूप में हुई है। वे सुबह करीब 11.30 बजे मतदान केंद्र पहुंचे थे, जहां अचानक गिर पड़े, पुलिस और नागरिकों ने उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह भी पढ़ें – मार्कर पर मचा बवाल! वोटिंग के बाद राज पर बरसे सीएम फडणवीस, बोले- अपनी हार का बहाना ढूंढ रहा विपक्ष
डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण हृदयाघात बताया गया। शहर के कुछ हिस्सों में सुबह मतदान को लेकर उत्साह दिखा, जबकि पुराने शहर के भांडापुर इलाके में उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के बीच विवाद की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने समय रहते शांत कराया।
चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव के दौरान एकोरी प्रभाग स्थित नेहरू स्कूल मतदान केंद्र पर दो महिला उम्मीदवारों के पतियों के बीच मारपीट हो गई। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया। निर्दलीय उम्मीदवार दीपा कासट के पति ललित कासट और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार इस्मत के पति रशीद हुसैन के बीच विवाद बढ़कर हाथापाई में बदल गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। घटना के बाद कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। पूरे दिन इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात रहा।