स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में भारी अनियमितता और पारदर्शिता का अभाव, आभा पांडे की मांग
नागपुर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में गंभीर प्रशासनिक भ्रम और पारदर्शिता का अभाव सामने आया है। पार्षद आभा पांडे ने आयुक्त से लाइव स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है।
स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में भारी अनियमितता पारदर्शिता का भी अभाव पार्षद आभा पांडे ने आयुक्त से मांगा लाइव स्टेटस रिपोर्ट स्मार्ट सिटी फाईल चित्र और आभा पांडे का हाफ कालम चित्र नगर संवाददाता नागपुर. स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में गंभीर प्रशासनिक भ्रम और पारदर्शिता का अभाव होने का आरोप पार्षद और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य आभा पांडे ने लगाया.
उन्होंने इस मामले में महानगरपालिका के आयुक्त को कड़े शब्दों में पत्र लिखकर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, वेंडर चयन और राज्य सरकार के हालिया निर्णय के कार्यान्वयन पर तत्काल प्रभाव से लाइव स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है. बाक्स वेंडर चयन पर उठे गंभीर सवाल पांडे ने आयुक्त को लिखे पत्र में मुख्य रूप से वेंडर चयन और प्रकल्पों के लिए पूरे कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की जानकारी भी प्रस्तुत करने की मांग की.
इसी तरह से प्रोजेक्ट का मुद्दा भी उठाया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस प्रोजेक्ट की प्रगति, वित्तीय लेनदेन और नागरिकों को इससे होने वाले लाभों के बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक स्तर पर उपलब्ध नहीं है जो कि प्रशासन की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है. बाक्स 8 प्रमुख बिंदुओं पर मांगी विस्तृत जानकारी वेंडर का नाम और पूरी चयन प्रक्रिया का विवरण जारी किए गए वर्क ऑर्डर की प्रति और तारीख प्रोजेक्ट के लिए मंजूर निधि, अब तक किया गया कुल खर्च और एजेंसियों को किए गए भुगतान का चरणबद्ध ब्योरा.
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प्रोजेक्ट की अंतिम समयसीमा और वास्तविक प्रगति में अंतर. देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी और नागरिकों की शिकायतों पर अब तक की गई कार्रवाई. बाक्स. स्मार्ट सिटी कंपनी के हस्तांतरण और शासनादेश की अनदेखी पांडे ने महाराष्ट्र शासन के दिनांक 22 अप्रैल 2026 के निर्णय का हवाला देते हुए प्रशासन को घेरा है. शासन के इस निर्णय के अनुसार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को महानगरपालिका को हस्तांतरित कर स्मार्ट सिटी कंपनी को बंद करने की कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे.
पांडे ने आरोप लगाया है कि सरकार के इस आदेश के बावजूद अभी तक सभी प्रकल्प आधिकारिक तौर पर मनपा को हस्तांतरित नहीं हुए हैं जिससे प्रशासकीय स्तर पर भारी भ्रम की स्थिति है. सरकार के आदेशों की अनदेखी और अमल में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लाइव स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. बाक्स. जनता के पैसे की जवाबदेही और कड़ी कार्रवाई की मांग अपने पत्र में पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि सार्वजनिक निधि से बनी इन परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है.
उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि काम अधूरा है या गुणवत्ताहीन होने के बावजूद वेंडर्स को बिलों का भुगतान किया गया है तो इसे अत्यंत गंभीर माना जाएगा. उन्होंने आयुक्त से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण का तत्काल उच्च स्तरीय मूल्यांकन किया जाए. सभी संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट संकलित कर, सरकारी आदेशों के पालन में देरी करने वाले और काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
