Nagpur Theft Case:नागपुर में बेल सिस्टम पर सवाल, जमानत मिलते ही फिर वारदात; क्राइम ब्रांच ने दोबारा दबोचा
Nagpur Theft Case News: नागपुर में चोरी के आरोपी को जमानत मिलने के 14 दिन में ही फिर वारदात करते पकड़ा गया। बार-बार जमानत से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर चोरी मामला, जमानत विवाद,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Theft Case Bail Law Issue: नागपुर पुलिस चाहे जितनी मेहनत करके अपराधी को पकड़ ले लेकिन कानूनी प्रावधान ही ऐसे हैं कि चोरों को फटाफट जमानत मिल जाती है। वह दोबारा वारदातों में सक्रिय हो जाते हैं और फिर शुरू होती है पुलिस की दौड़ भाग। ऐसा ही एक चोर अब क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा जिसे मार्च महीने में भी पुलिस ने पकड़ा था।
पुलिस की कस्टडी रिमांड खत्म होने के महज 14 दिनों में वह जमानत पर रिहा हो गया और वारदातों में सक्रिय हो गया पकड़ा गया आरोपी खैरलांजी रोड, तिरोड़ा निवासी हर्ष उर्फ इक्का महेंद्र रामटेके (24) चर्चित सेंधमार है।
उसके खिलाफ गोंदिया और भंडारा में भी मामले दर्ज हैं। मार्च महीने में सोनेगांव पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसने 3 वारदातों की कबूली दी। कस्टडी खत्म होते ही उसने कोर्ट में जमानत अर्जी लगा दी और बेल पर बाहर आ गया।
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बैग में मिले 5 लाख नकद और जेवरात
इक्कर के पास पुलिस को 1 बैंग भी मिला, तलाशी लेने पर पुलिस को 5 लाख रुपये नकद और लगभग सवा 3 लाख के जेवरात बरामद हुए। आगे की जांच के लिए उसे राणा प्रतापनगर पुलिस के हवाले किया गया है। वाहन चोरी और सेंधमारी की वारदातों में आरोपियों को इतने जल्दी जमानत मिल जाती है कि एक मामले में जांच पूरी होने से पहले ही वह अन्य वारदातों को अंजाम देने लगता है।
वाहन चोरी का खुलासा, नकदी व अन्य सामान की जांच जारी
वाहन चोरी ती उजागर हो गई लेकिन इतनी कैश और जीवनात के बारे में पूछताछ जारी है। इंस्पेक्टर भरत कहाड़, एपीआई सचिन गायकवाड़, पीएसजाई राहुल रोटे, एपसआई मुकेश खांडरे, युवानंद कहू नारावण पारवेकर, रवि राऊत, प्रफुल पारधी, वीरेंद्र पांडे, लक्ष्मीकांत सोनटक्के, दिनेश महल्ले, नीलेश श्रीपात्रे और हंसराज ठाकुर ने कार्रवाई की।
