ओला-उबर चालकों का नागपुर एयरपोर्ट पर धरना: 5 दिन से आंदोलन, प्रशासन मौन-यात्री बेहाल

Nagpur Ola Uber Strike: नागपुर एयरपोर्ट पर ओला-उबर चालकों के आंदोलन से यात्री परेशान हैं। 5 दिनों से जारी विरोध के कारण यात्रियों को घर पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
Ola-Uber Drivers Stage Sit-in at Nagpur Airport: Protest Enters 5th Day; Administration Silent, Passengers Stranded
नागपुर ओला उबर हड़ताल( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nagpur Airport Taxi Issue: नागपुर एप आधारित (ओला-उबर) टैक्सी चालक और मालिक अपनी लंबित मांगों को लेकर लामबंद हैं। पिछले कई वर्षों से लगातार निवेदन, रैलियों और आंदोलनों के बावजूद कोई समाधान न निकलने पर चालकों ने प्रशासन और एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है।

यही कारण है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर पिछले 5 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन की खामोशी यात्रियों पर भारी पड़ रही है। आंदोलन और चुप्पी के बीच यात्री फंस गए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी यात्री पूरे दिन परेशान होते रहे। नागपुर तक तो वे विमान से पहुंच गए, लेकिन घर जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

ठोस कार्रवाई की मांग

हाल ही में सोनेगांव पुलिस के सहयोग से टैक्सी चालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने इस विषय पर जल्द ही एक समीक्षा बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। हालांकि, चालकों की मांग है कि इस बैठक में ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के अधिकृत और निर्णय लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाए, कंपनियों के अधिकारियों की अनुपस्थिति में बैठक का कोई अर्थ नहीं रहेगा,

प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी पर अनदेखी का आरोप

टैक्सी चालक संघ ने मिहान इंडिया लिमिटेड, एयरपोर्ट अथॉरिटी पर असहयोग का आरोप लगाया है। चालकों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन की पूर्व सूचना दी, तो अधिकारियों ने समाधान निकालने के बजाय उन्हें आंदोलन खत्म करने की चेतावनी दी। चालकों के अनुसार हमने यात्रियों की सुविधा के लिए अथॉरिटी से कंपनियों के साथ मध्यस्थता करने का अनुरोच किया था, लेकिन प्रशासन ने हमारी मदद करने के बजाय हमें ही ताकीद दी।

मांगो पर हो उचित फैसला

चालक संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कंपनियों के सक्षम अधिकारी

क्या हैं मुख्य समस्याएं

टैक्सी चालकों का कहना है कि कंपनियों द्वारा कमीशन की दरें, बढ़ती ईचन की कीमते और एयरपोर्ट पर पार्किंग व पिकअप से जुड़ीं समस्याओं के कारण उनका जीवनयापन कठिन हो गया है।

उपस्थित नहीं रहते हैं और उनकी मांगों पर न्यायोक्ति फैसला नहीं होता है, तो वे शहरव्यापी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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