Nagpur Devlapar Case: देवलापार दुष्कर्म मामला में कोर्ट का फैसला, आरोपी को अग्रिम जमानत की मंजूर
Nagpur Devlapar Case News: नागपुर के देवलापार मामले में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपों के बीच कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत दी। जांच में सहयोग की शर्त रखी गई।
- Written By: अंकिता पटेल
देवलापार केस नागपुर, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Devlapar Case Anticipatory Bail: नागपुर देवलापार थाना में दर्ज एक कथित दुष्कर्म मामले में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश एए कुलकर्णी ने आरोपी युवक यश लुनावत को अग्रिम जमानत प्रदान की है। मामले के अनुसार पीड़िता पूनम (नाम बदला हुआ) ने शिकायत में आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में उसकी पहचान यश लुनावत से सामान्य मित्रों के माध्यम से हुई।
इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोप है कि वे पेंच स्थित ग्रीन कोर्ट रिसॉर्ट गए जहां आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके घर आता-जाता था। उसकी मां को भी पीड़िता के साथ विवाह का आश्वासन दिया था। इसी दौरान उसने घर पर भी कई बार शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में अधूरी राहत, भांडे प्लॉट-दिघोरी फ्लाईओवर फिर लेट, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दी नई तारीख
नागपुर VPL ऑक्शन में छाए अपूर्व वानखेड़े, बने सबसे महंगे खिलाड़ी; फ्रेंचाइजियों ने खिलाड़ियों पर लुटाया पैसा
लाडकी बहिन योजना में बड़ा उलटफेर: 54 लाख महिलाएं लिस्ट से बाहर, क्या आपका नाम भी कटा? अभी चेक करें
Pune News: भोर की दरिंदगी से महाराष्ट्र में उबाल, 4 साल की मासूम की हत्या; CM बोले-दोषी को दिलाएंगे मृत्युदंड
विवाह वादा विवाद में सशर्त अग्रिम जमानत
दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक आरोपी ने विवाह का वादा कर उसका शोषण किया लेकिन बाद में अपने माता-पिता की असहमति का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया, पीड़िता की शिकायत पर 2 अप्रैल 2026 को देवलापार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया, आरोपी की ओर से अधिवक्ता कमल सतुजा कैलाश डोडानी और हितेश खंडवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करते हुए अदालत में दलील दी कि आरोपी को झूठे केस में फसाया गया है।
यह भी पढ़ें:-नागपुर में अधूरी राहत, भांडे प्लॉट-दिघोरी फ्लाईओवर फिर लेट, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दी नई तारीख
दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे। आरोपी ने कभी विवाह का वादा नहीं किया, बचाव पक्ष ने फोटो और वॉट्सएप चैट प्रस्तुत कर दोनों के बीच निकटता दशांई तथा यह भी कहा कि संबंध का अंत पीड़िता की ओर से हुआ था। वहीं सरकारी पक्ष द्वारा ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर है, जांच प्रारंभिक चरण में है। हाई कोर्ट ने आरोपी को जांच में सहयोग और जांच अधिकारी के समक्ष हाजिरी लगाने की शर्त पर जमानत मंजूर की।
