

High Court TET Decision: पहली से 8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित TET परीक्षा का सिलेबस तैयार करने और उसी आधार पर परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर कीर्ति वैरागडे एवं अन्य शिक्षिकाओं की ओर से हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं।
याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पाठ्यक्रम और परीक्षा उत्तीर्ण करने की समय सीमा को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
अदालत को सूचित किया गया कि शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा पास करने की मियाद बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी गई है। इसके साथ ही, जून 2026 में व्यापक व विस्तृत सिलेबस भी निर्धारित कर दिया गया है।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ताओं ने यह मुद्दा तब उठाया जब संबंधित प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर कहा था कि यदि 31 मार्च 2020 से पहले टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की गई तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
कोर्ट ने कहा कि कक्षा 1 से 8 पर आधारित सिलेबस वर्ष 2013 से ही अस्तित्व में था और याचिकाकर्ता कई बार इस परीक्षा में शामिल भी हुए थे परंतु उस समय कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने का विधिक मुद्दा सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'स्टेट ऑफ यूपी बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट व अन्य' के मामले में पहले ही तय किया जा चुका है। साथ ही कोर्ट को यह अवगत कराया गया कि शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करने की अंतिम तिथि को अब 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
पाठ्यक्रम निर्धारण के बिंदु पर अदालत ने स्पष्ट किया कि सिलेबस पहले से मौजूद था और इसके अतिरिक्त जून 2026 में शासन द्वारा विस्तृत व व्यापक सिलेबस निर्धारित किया जा चुका है।
इस स्थिति पर याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने भी कोई विवाद नहीं जताया हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि समय-सीमा बढ़ा दी गई है और जून 2026 में नया सिलेबस भी तय हो चुका है, अतः याचिकाओं में उठाई गई शिकायत का समाधान हो चुका है। इसके साथ ही अदालत ने सभी संबंधित याचिकाओं का निपटारा कर दिया।