राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश पर रोक, हाई कोर्ट ने MADC और अन्य को जारी किया नोटिस

Nagpur News: नई दिल्ली में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 2024 की एक याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगा दिया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में नोटिस भी जारी कर दिया है।
Nagpur News: नई दिल्ली में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 2024 की एक याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगा दिया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में नोटिस भी जारी कर दिया है।
हाई कोर्ट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा 27 जून 2024 को अपील पर दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए चौरंगी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश पर रोक लगा दी।

हाई कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को 2 सप्ताह के भीतर नागपुर स्थित राज्य आयोग के समक्ष 5 लाख रुपए की राशि जमा करनी होगी। इस राशि के जमा होने के बाद ही अंतरिम राहत अगली तिथि तक लागू रहेगी।

18% प्रति वर्ष की दर से मुआवजा

याचिकाकर्ता की पैरवी कर रहे वकील ने कहा कि यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम सुरेश चंद जैन व अन्य में दिए गए निर्णय के मद्देनजर याचिका पर विचार किया जाना आवश्यक है, जबकि आयोग ने याचिकाकर्ता द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया था और याचिकाकर्ता को प्रत्येक मामले में 18% प्रति वर्ष की दर से मुआवजा देने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता के अनुसार प्रतिवादी और उनके बीच हुए समझौते की शर्तों के अनुसार यह उचित नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आवंटन पत्र की शर्तों और विशेष रूप से खंड 5.2 के अनुसार प्रतिवादी केवल 2.50 प्रति वर्गफुट प्रति माह की दर से निश्चित क्षतिपूर्ति के हकदार थे।

राष्ट्रीय आयोग ने बढ़ा दिया प्रतिशत

याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने याचिकाकर्ता को आयोग द्वारा निर्धारित 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित राशि वापस करने का निर्देश दिया है जिसे राष्ट्रीय आयोग द्वारा बढ़ाकर 18% प्रति वर्ष कर दिया गया था। वकील ने कहा कि मूल राशि पहले ही राज्य आयोग के पास जमा कर दी गई है और विवाद केवल ब्याज के हिस्से के बारे में है।

प्रतिवादियों ने केवल ब्याज की राशि का भुगतान करने में विफलता के कारण कार्यवाही शुरू की है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने 2 सप्ताह के भीतर 5 लाख रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश जारी किए।

जुआ मामले में 5 केस दर्ज, ₹2.76 लाख का माल जब्त

नागपुर ग्रामीण पुलिस ने महाराष्ट्र जुआ अधिनियम के तहत अलग-अलग थानों की कार्रवाई में सट्टापट्टी चलाने और ताशपत्तों से जुआ खेलने वालों पर शिकंजा कसते हुए कुल 5 मामले दर्ज किए और 2,76,450 रुपए का माल जब्त किया। कुही थानांतर्गत पाचगांव सोयाबीन कंपनी के पीछे लेआउट में 3 आरोपी जुआ खेलते पकड़े गए। उनके पास से ताशपत्ते, 2,240 नकद और 4 मोटरसाइकिलें मिलाकर 2,07,240 का माल जब्त हुआ।

वहीं वडद में 5 आरोपियों से 8,940 नकद व मोबाइल सहित 40,960 का माल और कुही फाटा में 2 आरोपियों से 785 नकद बरामद हुए। बोरी थाना क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार, बोरी में 2 आरोपी सट्टापट्टी लगाते पकड़े गए। ₹6,850 रुपये नकद व मोबाइल मिलाकर 26,850 रुपये का माल जब्त किया गया। इसके अलावा नरखेड़ थाना क्षेत्र के खरसोली में एक युवक सट्टा लगाते पकड़ा गया। उसके पास से 635 रुपये नकद जब्त किये गये। सभी आरोपियों पर संबंधित थानों में 12 (अ) महाराष्ट्र जुआ अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किए गए।

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