प्रफुल्ल हिंगे आईपीएल( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Hyderabad Team Player: कहते हैं किस्मत जब मेहरबान होती है तो पहचान बदलते देर नहीं लगती। नागपुर के प्रफुल्ल प्रकाश हिंगे। के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। आईपीएल में हैदराबाद के लिए डेब्यू करते ही उन्होंने ऐसा कारनामा किया जिसने उन्हें रातोंरात देशभर में चर्चा का विषय बना दिया।
प्रफुल्ल ने अपने पहले ही मैच के पहले ओवर में ओवर हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। वे आईपीएल में डेब्यू मैच के पहले ओवर में ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बन गए।
उनके इस चमत्कारी प्रदर्शन के बाद क्रिकेट प्रेमियों में उन्हें जानने की होड़ मच गई। सोशल मीडिया पर इसका असर तुरंत दिखा। जहां सोमवार दोपहर तक उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर महज 5-6 हजार थे, वहीं कुछ ही घंटों में यह संख्या बढ़कर 4.8 लाख तक पहुंच गई।
इधर, गूगल ट्रेंड पर भी प्रफुल्ल का जलवा देखने को मिला, सोमवार रात करीब 10 बजे उनका सर्च इंडेक्स 100 (पीक) तक पहुंच गया, जबकि उसी समय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली 73 पर रहे। यह साफ संकेत है कि उस समय देश में सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले खिलाड़ी प्रफुल्ल ही थे।
प्रफुल्ल के पिता ने बताया कि पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रशांत वैहा की सलाह पर उन्हें चेन्नई स्थित एमआरएफ पेस फाउंडेशन भेजा गया, वहां कोच एम। संधिलनाथन और वरुण आरोन ने उनकी गेंदबाजी को धार दी।
इस दौरान प्रफुल्ल को पीठ की चोट से भी जूझना पड़ा लेकिन उन्होंने जल्द ही वापसी की और अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खीचा, अंडर-23 और सीनियर विदर्भ टीम में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने आईपीएल तक का सफर तय किया। ऑस्ट्रेलिया में ग्लेन मैका से मिले मार्गदर्शन ने भी उनके करियर को नई दिशा दी।
प्रफुल्ल की इस उपलब्धि से उनका परिवार बेहद खुश और गौरवान्वित है। जब प्रफुल्ल ने पहला विकेट लिया तो उनके माता-पिता खुशी से झूम उठे, उनके पिता प्रकाश हिंगे ने उनके शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि जब प्रफुल्ल 13 वर्ष की उम्र में क्रिकेट सीखना शुरू कर रहे थे, तब उन्होंने उन्हें बल्लेबाज के बजाय गेंदबाज बनने की सलाह दी थी।
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उन्होंने कहा, ‘बैट्समैन तो हर कोई बनता है लेकिन गेंदबाज बनने के लिए जिगरा चाहिए। उन्होंने प्रफुल्ल की रुचि को देखते हुए उन्हें स्थानीय जिमखाना क्लब में दाखिला दिलाया और हमेशा संतुलन बनाए रखने की सीख दी। एक बार जब प्रफुल्ल विदर्भ की अंडर-16 टीम में शामिल हो गए तो फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।