अब एआई (AI) गिनेगा बस के मुसाफिर; नागपुर मनपा परिवहन विभाग उठाने जा रहा है तकनीक आधारित बड़ा कदम
Nagpur Bus AI System: नागपुर मनपा की आपली बस सेवा में एआई आधारित स्वचालित यात्री गणना प्रणाली का ट्रायल 5 बसों में शुरू होगा। इससे सेवा अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, आपली बस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एआई फोटो )
Nagpur AI Passenger Counting System: नागपुर महानगरपालिका की आपली बस सेवा भले ही अब तक घाटे का सौदा साबित होते रही हो किंतु अब न केवल खर्चा कम करने बल्कि इसके साथ-साथ अधिक हाई-टेक प्रणाली के माध्यम से सेवा और सुविधाओं को चाक-चौबंद बनाने की दिशा में अग्रसर होने जा रही है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार द्वारा प्रशासन को अधिक कार्यक्षम, पारदर्शक, नागरिक अभिमुख और तकनीक-आधारित बनाने के उद्देश्य से अपनाई गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति के तहत अब महानगरपालिका का परिवहन विभाग एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यहां तक कि आपली शहर बस सेवा में एआई आधारित ‘स्वचालित यात्री गणना प्रणाली’ को प्रयोगिक तत्व पर 5 बसों में शुरू किए जाने की जानकारी परिवहन समिति सभापति मंगला खेकरे ने दी।
निधि की उपलब्धता पर निर्भर प्रोजेक्ट
हालांकि एआई आधारित एपीसी प्रणाली को स्थापित और कार्यान्वित करने का जो मूल खर्च होगा वह महानगरपालिका के अर्थसंकल्पीय प्रावधानों से, निधि की उपलब्धता के अधीन और सक्षम प्राधिकारी की पूर्व मंजूरी के बाद ही किया जाएगा।
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राज्य सरकार की एआई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। शहर बस सेवा में इस प्रणाली को लागू करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने, कंसल्टेंट नियुक्त करने, निविदा प्रक्रिया चलाने और आवश्यक प्रशासकीय कार्यवाही को मान्यता प्रदान करने का यह महत्वपूर्ण विषय मंगलवार को परिवहन समिति में चर्चा के बाद इसे मंजूरी प्रदान की गई है। इस प्रणाली के लागू होने से सिटी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था न केवल स्मार्ट होगी बल्कि आर्थिक रूप से अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ भी बनेगी।
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की होगी नियुक्ति
परिवहन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार इस महत्वाकांक्षी प्रकल्प को धरातल पर उतारने से पहले एक विस्तृत योजना रिपोर्ट, तकनीकी विवरण, प्रस्ताव मांग पत्र और निविदा दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के सुचारु प्रबंधन और कार्यान्वयन संस्था के चयन के लिए एक विशेषज्ञ ‘प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट’ की नियुक्ति करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
इस प्रस्ताव की एक बड़ी वित्तीय खासियत यह है कि नियुक्त किए जाने वाले प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट का व्यावसायिक मानधन निविदा के माध्यम से चुनी जाने वाली सफल कार्यान्वयन संस्था द्वारा ही अनुबंध की शर्तों के अनुसार चुकाया जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस कंसल्टेंट की नियुक्ति से नागपुर महानगरपालिका पर कोई भी स्वतंत्र आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
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प्रस्ताव को समिति की हरी झंडी
परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव के अनुसार इस नई एआई प्रणाली को बस सेवा के मौजूदा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन के साथ एकीकृत किया जाएगा।
खेकरे ने कहा कि वर्तमान में बसों में बिना टिकट यात्रियों की जांच के लिए 52 चेकर्स कार्यरत हैं जिन पर प्रति वर्ष लाखों रूपए खर्च करने पढ़ते हैं। इस प्रणाली के लागू होने के बाद इन चेकर्स को चरणबद्ध तरीके से कम करने की दिशा में बढ़ा जाएगा।
स्वचालित गिनती प्रणाली के अनुसार बसों में चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों की अपने आप सटीक गिनती होगी। यहां तक कि टिकट से होने वाले राजस्व की अचूक पड़ताल की जा सकेगी और राजस्व नुकसान पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सकेगा। मार्ग के अनुसार यात्रियों की मांग का विश्लेषण करना आसान होगा जिससे बस फ्लीट का अधिक कुशल और प्रभावी नियोजन किया जा सकेगा।
