शरद पवार और चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Bawankule: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे के नेतृत्व में आंदोलन शुरू होते हुए भी एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार चुप क्यों हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह सवाल दागा है। उन्होंने कहा कि अन्य मुद्दों पर बोलने वाले पवार जरांगे आंदोलन पर शांत क्यों हैं, यह पूरा महाराष्ट्र जानना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चुप्पी का अर्थ राज्य महाराष्ट्र समझता है। वे नागपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर फिर अपनी भूमिका स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी ओबीसी से मराठा को आरक्षण देने के संदर्भ में अपनी भूमिका स्पष्ट करे। कांग्रेस हमेशा ओबीसी के विरोध में रही है। अगर वह जरांगे आंदोलन को समर्थन दे रही होगी तो ओबीसी के 353 जातियों के पहले ही कम आरक्षण को और कम करके मराठा को देना है। क्या इस पर नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार व पृथ्वीराज चव्हाण को अपनी भूमिका रखनी चाहिए।
बावनकुले ने कहा कि ओबीसी समाज का एक फीसदी आरक्षण भी कम नहीं होंगे देंगे। साथ ही मराठा समाज को भी न्याय मिलना चाहिए। किसी पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। देश में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के कारण हजारों लोगों को फायदा हुआ है। यह आरक्षण सीएम देवेंद्र फडणवीस सरकार ने दिया। सारथी संस्था के माध्यम से मराठा समाज को भी बड़ा लाभ दिलाया है।
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ओबीसी आयोग, ओबीसी मंत्रालय हमारी महायुति सरकार लायी जबकि कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी के साथ अन्याय ही किया। ओबीसी आंदोलन पर उन्होंने कहा कि राज्य में ओबीसी व मराठा समाज आपस में मिलजुलकर रह रहे हैं। एक की थाली से निकालकर दूसरी की थाली में देने हमारी सरकार की भूमिका नहीं है।
बावनकुले ने कहा कि हमारी सरकार ने मराठा समाज को 10 फीसदी आरक्षण दिया है। और क्या दिया जा सकता है, उसका प्रयत्न शुरू है। आगामी समय में मराठा समाज को न्याय देने का कार्य सरकार करेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरसकट आरक्षण संभव नहीं है। जिनके पास आवश्यक दस्तावेज हैं उन्हें ओबीसी का लाभ मिलेगा। सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू है तो शुरू रहेगी।