सिर्फ इस्तीफा नहीं, जवाबदेही चाहिए; NEET पेपर लीक पर उद्धव गुट का केंद्र पर हमला, शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
NEET Paper Leak Controversy: शिवसेना ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र को घेरा। कहा- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा व नया लोक परीक्षा कानून महज एक छलावा है।
- Written By: रूपम सिंह
धर्मेंद्र प्रधान विवाद (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Shiv Sena UBT Central Government NEET Paper Leak Controversy : शिवसेना (उद्धव गुट) ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यह विवाद खत्म नहीं होगा। सरकार पर आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश के युवाओं के साथ अन्याय कर रही है।
यूबीटी ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 को महज दिखावा बताया गया है। पार्टी का कहना है कि नए विधेयक में पुराने कानून में केवल सजा और जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है, जबकि मूल समस्या का समाधान नहीं किया गया।
यूबीटी ने आरोप लगाया गया कि सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की लेकिन युवा आंदोलन से पीछे नहीं हटे। पार्टी ने कहा कि नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे पर छात्रों का आंदोलन देशभर में चर्चा का विषय बना। यूबीटी ने दावा किया कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है बल्कि सरकार की पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
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नए कानून को बताया छलावा
पार्टी ने आरोप लगाया कि लोक परीक्षा कानून में प्रश्नपत्र लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है लेकिन यह पहले से मौजूद कानून का ही बदला हुआ रूप है। केवल सजा और जुर्माने के आंकड़े बढ़ाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।
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दिल्ली में सीजेपी के कई हफ्तों तक चले आंदोलन के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। आंदोलन के दौरान परीक्षा में गड़बड़ी और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उत्तरे थे।
सरकार द्वारा सीजेपी की कुछ मांगे मानने के बाद आंदोलन वापस लिया गया। इनमें आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देना और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल था।
