Nagpur News: सावनेर में 10,000 करोड़ का होगा निवेश, उर्वरक परियोजना के लिए पहल
Vidarbha Investment News: सावनेर में 10,000 करोड़ रुपये की उर्वरक परियोजना को मंजूरी मिली। विधायक आशीष देशमुख, गेल और एमआईडीसी टीम ने स्थल निरीक्षण किया। किसानों और युवाओं को लाभ मिलेगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
सावनेर में 10,000 करोड़ का होगा निवेश (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Sawner Fertilizer Pproject: सावनेर में 10,000 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल उर्वरक (फर्टिलाइज़र) परियोजना स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार को विधायक आशीष देशमुख के साथ गेल तथा एमआईडीसी के अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने खुर्सापार, जटामखोरा, जलालखेड़ा और सावली मोहतकर गांवों का दौरा कर परियोजना के लेआउट और योजनाओं का विस्तृत अध्ययन किया।
इस परियोजना को सावनेर में लाने के लिए विधायक देशमुख कई महीनों से लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकें कीं। उनके विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। प्रस्तावित संयंत्र की उत्पादन क्षमता 1.27 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाने की योजना भी है।
किसानों और युवाओं के लिए बड़ी राहत
- परियोजना में यूरिया सहित कृषि के लिए आवश्यक अन्य उर्वरकों का उत्पादन होगा।
- किसानों को उर्वरक उपलब्धता में सुविधा मिलेगी, कीमतें स्थिर रहेंगी और वे आर्थिक शोषण से बचेंगे।
- परियोजना से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे सावनेर तालुका में बेरोजगारी कम होगी।
- क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
- उर्वरक कॉम्प्लेक्स के कारण सावनेर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उद्योग, निवेश और व्यापार गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
- सहायक उद्योग, सेवा क्षेत्र और परिवहन क्षेत्र में भी नए रोजगार उत्पन्न होंगे।
- यह परियोजना संपूर्ण विदर्भ को कृषि-उद्योग क्षेत्र के प्रमुख केन्द्र के रूप में विकसित करने की क्षमता रखती है।
- राज्य सरकार की सकारात्मक भूमिका
विधायक आशीष देशमुख, गेल और एमआईडीसी की टीम ने किया निरीक्षण
17 जुलाई 2025 को हुई प्रारंभिक बैठक और 4 अगस्त 2025 को मुंबई में गेल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद महाराष्ट्र सरकार को परियोजना के संबंध में सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए।
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सावनेर को चुनने का कारण
पानी की उपलब्धता, गैस पाइपलाइन कनेक्टिविटी, बेहतर लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक विकास की संभावनाएं और खाद्य सुरक्षा जैसे प्रमुख कारणों को देखते हुए सावनेर को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। राज्य सरकार ने परियोजना को न्यू इन्वेस्टमेंट पॉलिसी के तहत मंजूरी दिलाने के लिए केंद्र से आग्रह किया है और इसे समय पर पूरा कराने हेतु हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
