चोरी के ट्रकों के रजिस्ट्रेशन के बाद अब रोटेशन घोटाला; नागपुर ग्रामीण RTO के खिलाफ विजिलेंस में पहुंची शिकायत

Nagpur Rural RTO: नागपुर ग्रामीण आरटीओ में फ्लाइंग स्क्वॉड में महीनों से एक ही अधिकारी की तैनाती को लेकर सवाल उठे हैं। रोटेशन नीति के उल्लंघन की शिकायत विजिलेंस तक पहुंची है।
Nagpur's infrastructure to get a boost; high-level meeting held under the chairmanship of Nitin Gadkari.
नागपुर ग्रामीण आरटीओ,प्रतीकात्मक तस्वीर (साेर्स: एआई फोटो)
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Nagpur Rural RTO Flying Squad: पिछले कुछ महीनों में भ्रष्टाचार के सनसनीखेज मामलों और आरोपों से घिरे राज्य के परिवहन विभाग के तहत नागपुर ग्रामीण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भी अछूता नहीं रहा है, अन्य राज्यों से चोरी किये ट्रकों के पंजीकरण के बाद अब फ्लाइंग स्क्वॉड में महीनों से एक ही अधिकारी की नियुक्ति पर अंदरखाने में सवाल उठने लगे हैं।

खास बात है कि परिवहन आयुक्त द्वारा रोटेशन नीति से ड्यूटी लगाने का सख्त आदेश जारी किया गया है। इसके बावजूद कई निरीक्षक महीनों से एक ही फ्लाइंग स्क्वॉड पर कब्जा जमाये हुए हैं, जबकि अन्य अधिकारियों को इससे दूर रखा गया है। सूत्रों के अनुसार विभाग के ही कुछ कर्मचारियों ने विजिलेंस में इस बाबत शिकायत करके विभागीय जांच की मांग की है।

कहां गया रोटेशन सिस्टम ?

सूत्रों के अनुसार परिवहन आयुक्त के निर्देशों के तहत फ्लाइंग स्क्वॉड में तैनात मोटर वाहन निरीक्षकों का समय-समय पर रोटेशन किया जाना अनिवार्य है, इसका उद्देश्य किसी एक अधिकारी का लंबे समय तक एक ही संवेदनशील ड्यूटी पर बने रहना रोकना, पारदर्शिता बनाए रखना और संभावित अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है।

आरोप है कि नागपुर ग्रामीण आरटीओ में इस व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा। फ्लाइंग स्क्वॉड में तैनात कुछ निरीक्षक पिछले 4 से 5 महीनों से लगातार चेकिंग ड्यूटी संभाल रहे हैं।

इनमें से कुछ मार्च और कुछ अप्रैल माह से एक ही स्क्वॉड में जुड़े हुए हैं। वहीं जुलाई माह में भी उनके कार्यभार में कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि विभाग में अन्य निरीक्षकों की उपलब्धता के बावजूद रोटेशन नीति लागू क्यों नहीं की गई।

पहले भी उठ चुके हैं ऐसे विवाद

परिवहन विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे पहले शहर आरटीओ में भी फ्लाइंग स्क्वॉड में अधिकारियों की लंबी तैनाती को लेकर सवाल उठ चुके हैं। अब ग्रामीण आरटीओ में भी इसी तरह के आरोप सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर प्रश्नचिह्न लग गया है।

मामले को लेकर परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने मंत्रालय और सतर्कता (विजिलेस) स्तर पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की -है। उनका कहना है कि यदि रोटेशन नीति का उल्लंघन हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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