नागपुर आरटीओ में ऑडियो बम का महाधमाका: ट्रांसपोर्टर नीलेश नायक का दावा- चल रहा है संगठित वसूली रैकेट
Nagpur Rural RTO: नागपुर ग्रामीण आरटीओ में कथित अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए ट्रांसपोर्टर नीलेश नायक ने एक ऑडियो सार्वजनिक किया। उन्होंने अधिकारियों और कथित बिचौलियों की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर ग्रामीण आरटीओ,(फोटो.सोशल मीडिया)
Nagpur Rural RTO Alleged Extortion: परिस्थिति से परेशान हो चुके ट्रांसपोर्टर नीलेश नायक ने बुधवार को हिम्मत दिखाई, सार्वजनिक रूप से उन्होंने ‘ऑडियो बम’ भी फोड़ा जिसमें आरटीओ के अधिकारी की ‘आम’ और ‘दाम’ देने की बात को सामने लाया।
आरटीओ में कथित रूप से चल रहे संगठित जबरन वसूली रैकेट का खुलासा भी किया। आरोप लगाते हुए उन्होंने कई अधिकारियों एवं कथित बिचौलियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 186 ट्रेलर्स के मालिक हैं और वर्षों से परिवहन व्यवसाय से जुड़े होने के कारण पूरे सिस्टम से भली-भांति परिचित हैं।
10 हजार वाहनों की सूची से वसूली का दावा
नायक ने दावा किया कि नागपुर ग्रामीण आरटीओ में कथित रूप से 10,000 से अधिक वाहनों की एक एक्सेल शीट तैयार की जाती है। उनके अनुसार यह सूची कथित रूप से ‘ब्रूस ली’ उर्फ योगेश और होमेश काले द्वारा तैयार कर फ्लाइंग स्क्वाड (चेकिंग दस्तों) के मोबाइल फोन तक पहुंचाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सूची में शामिल वाहनों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया जाता है, जबकि सूची में शामिल न होने वाले वाहनों पर भारी चालान किए जाते हैं।
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संवाददाताओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रति वाहन 10,000 रुपये की कथित अवैध वसूली विभिन्न बिचौलियों के माध्यम से की जाती है। उन्होंने पम्मी (कलबीर कलसी के ड्राइवर एवं कथित बिचौलिया), सुरेंद्र यादव, बलराज साहनी, योगेश उर्फ ब्रूस ली, शाहिद पटेल, गोलू यादव, चीनी अरोरा, हातिम, कृष्णा चौधरी, गुड्डू तोमस्कर, अजय राय, गुड्डू फुकत तथा बब्बू के नाम तक लिए जो इस कार्य को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इनसे एकत्रित की गई राशि कथित रूप से होमेश काले, हेमंत सोलंकर तथा कलबीर कलसी द्वारा मैनेज की जाती है।
एमवीआई भी शामिल
नायक ने मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) हेमंत सोलंकर पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि रविनगर स्थित अपार्टमेंट में कथित रूप से ट्रांसपोर्टरों एवं बिचौलियों की बैठकें होती हैं।
उनका आरोप है कि इन बैठकों के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस फ्लैट पर विनोद हिरे, कलबीर कलसी एवं होमेश काले जैसे अधिकारी नियमित रूप से आते-जाते है और इसकी जांच होनी चाहिए।
‘आम की गाड़ी’ कोड वर्ड नायक ने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है जिनमें कथित रूप से आरटीओ अधिकारी’ आम की पेटी’ एवं ‘ आम की गाड़ी’ जैसे कोड वर्ड का उपयोग कर पैसों की मांग कर रहे है, एक अन्य रिकॉर्डिंग में काले भी कथित रूप से भुगतान की मांग करते हुए सुनाई देते हैं।
प्रमुख मांगें
पूरे मामले की जाच साइबर पुलिस तथा मुंबई स्थित परिवहन विभाग डीजी कार्यालय की निगरानी में कराई जाए, कथित रूप से उपयोग किए गए टेलीग्राम चैट, वाट्सएप नंबर एवं मोबाइल फोन जब्त कर उनकी फोरेसिक जांच कराई जाए।
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जांच पूरी होने तक अधिकारियों सोलंकर, कलसी, काले, हिरे एवं बनबकोड़े को निलंबित किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो। पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र विजिलेंस जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। वह उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ एचसी का दरवाजा खटखटाएंगे।
