PMRDA और पुणे रिंग रोड बफर जोन में लागू हुआ UDCPR, बहुमंजिला परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
Pune MSRDC Ring Road: महाराष्ट्र सरकार ने पुणे पीएमआरडीए और एमएसआरडीसी रिंग रोड क्षेत्र में समान यूडीसीपीआर नियम लागू किए। 117 गांवों में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे रिंग रोड (फोटो.सोशल मीडिया)
Pune PMRDA UDCPR Commercial Projects Growth: पुणे महानगर क्षेत्र के प्रस्तावित विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी निर्णय लिया है। इसके तहत अब पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के पुणे रिंग रोड विशेष नियोजन क्षेत्र में एकीकृत विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमावली (यूडीसीपीआर) लागू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय से क्षेत्र में लंबे समय से लंबित बड़ी विकास परियोजनाओं और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमतियों में आ रही तमाम प्रशासनिक बाधाएं दूर होने की उम्मीद है। राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम (एमआरटीपी एक्ट), 1966 की धारा 154(1) के तहत यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नए आदेश के अनुसार, अब पीएमआरडीए के वर्ष 2018 के पुराने विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमों (डीसीपीआर-2018) के स्थान पर पूरे क्षेत्र में राज्य के समान यूडीसीपीआर नियम प्रभावी होंगे।
बढ़ गई थी अनिश्चितता
दरअसल, पीएमआरडीए ने वर्ष 2021 में अपनी प्रारूप विकास योजना प्रकाशित की थी, लेकिन हजारों आपत्तियों और विभिन्न प्रशासनिक कारणों के चलते राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में इस नियोजन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था। इसके बाद से भवन निर्माण की अनुमतियों को लेकर बड़ी अनिश्चितता बनी हुई थी और पुराने पेचीदा नियमों के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं बीच में ही अटक गई थीं।
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अब अड़चनें होंगी कम
यह नई व्यवस्था एमएसआरडीसी के उस विशेष नियोजन क्षेत्र पर भी समान रूप से लागू की गई है, जिसमें प्रस्तावित पुणे रिंग रोड के दोनों ओर दो-दो किलोमीटर का बफर क्षेत्र शामिल है। लगभग 117 राजस्व गांवों और करीब 668 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विस्तृत क्षेत्र में अब भवन निर्माण और ढांचागत विकास कार्य समान मानकों के तहत किए जाएंगे, जिससे अनुमति मिलने की प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी।
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नगर विकास विभाग राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बाताया की इस निर्णय से सड़कों की चौड़ाई, भवनों की ऊंचाई, सेटबैक और खुले स्थानों के नियमों में एकरूपता आएगी, जिससे प्रशासनिक अड़चनें कम होगी और किफायती आवास के साथ-साथ व्यावसायिक परियोजनाओं को भी नई गति मिलेगी।
पुणे पूर्व नेता प्रतिपक्ष उज्ज्वल केसकर ने बाताया की पीएमआरडीए के 117 गांवों पर एक न्यायसंगत निर्णय है। पहले इस नियम को केवल चुनिंदा टाउनशिप तक सीमित रखना गलत था, जिसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। सरकार ने भले ही निर्णय लेने में थोड़ा समय लिया, लेकिन अब सभी के साथ समान न्याय किया है, किसी नई कानूनी याचिका की आवश्यकता नहीं रह गई है।
