नागपुर मनपा का अनोखा टाइमिंग! बारिश के बीच खोद दी सड़क; रामेश्वरी रोड पर कीचड़ व फिसलन से पैदल चलना हुआ दूभर
Nagpur Rameshwari Road Accident: नागपुर के पर्वतीनगर में गटरलाइन के लिए सड़क खुदाई और बारिश के कारण कीचड़ फैल गया। फिसलन से एक दिन में 40 से 50 लोग गिरकर घायल हुए, कई को अस्पताल ले जाना पड़ा।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, रामेश्वरी रोड, गटरलाइन, सड़क खुदाई,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Nagpur Rameshwari Road: नागपुर रामेश्वरी रोड स्थित पर्वतीनगर क्षेत्र में बारिश के बीच गटरलाइन बिछाने के लिए शुरू किए गए खुदाई कार्य ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के मौसम में सड़क की खुदाई कर निकाली गई मिट्टी सड़क पर फैल जाने से पूरा मार्ग कीचड़ और फिसलन में तब्दील हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि दिनभर में करीब 40 से 50 दोपहिया चालक और राहगीर सड़क पर फिसलकर गिर गए। इनमें कई लोगों को चोटें आई हैं, जबकि 2 से 3 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल तक जाना पड़ा।
सुरक्षा इंतजामों का अभाव
हैरानी की बात है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले न तो उचित बैरिकेडिंग की गई और न ही फिसलन से बचाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। निर्माण स्थल पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा संकेतक और यातायात नियंत्रण की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को खतरे के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
वहीं ऐन बारिश के मौसम में इस प्रकार की खुदाई शुरू करना ही समझ से परे है। यदि कार्य करना आवश्यक था तो मिट्टी हटाने, पानी निकासी और सड़क की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे लेकिन संबंधित विभाग और ठेकेदार ने इन बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर दिया जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
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दोपहिया चालकों के लिए बना जानलेवा रास्ता
यहां का दृश्य देखकर साफ नजर आता है कि सड़क के एक हिस्से पर खुदाई कर मिट्टी और मलबा किनारे डाल दिया गया है जो बारिश के पानी के साथ पूरी सड़क पर फैल गया। इससे वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर कीचड़ और मिट्टी की मोटी परत जमा हो गई है जिसके कारण वाहन असंतुलित होकर फिसल रहे हैं।
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सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर फैली मिट्टी को तत्काल हटाया जाए, फिसलन रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण ठेकेदार की होगी।
