Nagpur Station Alert: नागपुर रेलवे स्टेशन पर बढ़ा चोरों का आतंक, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
Nagpur Railway Station: नागपुर रेलवे स्टेशन पर वर्षों बाद जेबकतरी की घटना सामने आई है। लगातार बढ़ती चोरी की वारदातों ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, रेलवे स्टेशन,जेबकतरी, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Railway Station Pickpocketing Case: पिछले करीब डेढ़ वर्षों में नागपुर और अजनी स्टेशन समेत पूरे नागपुर मंडल में ही चोरों ने जमकर आंतक मचाया है। मोबाइल चोर और बैग लिफ्टरों को मिल रही छूट के बाद अब स्टेशन में जेबकतरों की भी एंट्री हो चुकी है। प्लेटफॉर्म 3 पर एक यात्री के पैंट की जेब से उ, का पर्स चोरी कर लिया गया जिससे जेबकतरों ने अपनी मौजूदगी पर मुहर लगा दी।
उल्लेखनीय है कि कई वर्षों के बाद नागपुर स्टेशन पर जेबकतरी की वारदात सामने आई है। इससे साफ है कि अब नागपुर स्टेशन पर यात्रियों के जान-माल की सुरक्षा लोहमार्ग पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के हाथ से पूरी तरह खिसक चुकी है।
सुबह मोबाइल उड़ाया, शाम को पर्स
चोरों ने स्टेशन पर इतना हाहाकार मचा रखा है कि हर दिन 2 से कम चोरियां सामने नहीं आ रही हैं। जेबकतरी की यह घटना बेला, बिहार निवासी सुनील कुमार देवेन्द्र राय (38) के साथ हुई। सीआरपीएफ में नौकरी करने वाले सुनील ट्रेन 03253 चेरापल्ली स्पेशल एक्सप्रेस की बी 4 कोच में सफर कर शाम 5:35 बजे नागपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म 3 पर पहुंचे।
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स्टेशन से बाहर निकलने के लिए फुट ओवर ब्रिज पर भीड़ में किसी ने उनके पैंट की जेब से खाकी रंग का पर्स चोरी कर लिया जिसमें करीब 5,500 रुपये थे। इससे पहले सुबह करीब 8:40 बजे चोरों ने भद्रावती, जिला चंद्रपुर निवासी रंजीत देवीदास रामटेके (40) के पैंट की जेब से 80,000 रुपये कीमत का मोबाइल चोरी कर लिया। घटना प्लेटफॉर्म 8 की है जब ट्रेन 12289 मुंबई-नागपुर दुरांतो पहुंची। रंजीत इसी ट्रेन की बी 11 कोच में सवार होकर मुंबई से नागपुर पहुंचे थे।
जीरो निगरानी, धरपकड़ नहीं, चोर हर दिन दे रहे खुला चैलेंज
हैरानी की बात यह कि देश के सबसे प्रमुख स्टेशन पर हर दिन चोरियां सामने आ रही हैं और आरपीएफ व जीआरपी ने यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के प्रति अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। हर समय यात्रियों की गहरी नींद को चोरियों का बहाना बताने वाली ये सुरक्षा एजेंसियां स्टेशन परिसर में दिनदहाड़े हो रही जेबकतरी पर भी मौन हैं।
पिछले कुछ महीनों में मोबाइल चोरी और बैग लिफ्टिंग जैसे मामले अधिक सामने आ रहे थे। अब यात्रियों की जेब तक चोरों के हाथ पहुंच चुके हैं क्योंकि उन्हें पता है कि हमें कोई नहीं देख रहा। आखिर यात्रियों के जानमाल के प्रति इतनी लापरवाही किस प्रकार स्वीकार की जा सकती है। यह बात आम रेल यात्रियों की समझ से परे है।
इससे साफ है कि दोनों एजेंसियां निगरानी के मामले में शून्य अंकों के साथ बराबरी पर हैं क्योंकि पूरा दिन चहलकदमी के बाद भी उन्हें संदिग्ध चोर नजर नहीं आ रहे या फिर दोनों एजेंसियों की मंशा ही नहीं कि चोरों की धरपकड़ की जाए।
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हर दिन यात्रियों की जेब, उनके बैग आदि समेत लगेज पर हाथ साफ करने वाले चोर सीधे तौर पर जीआरपी और आरपीएफ को ठेंगा दिखाकर चैलेंज कर रहे हैं, ‘पकड़ सको तो पकड़कर दिखाओ…’
