नागपुर में सरकारी कार्यालय बने बड़े बकायादार, मनपा ने शुरू की 136 करोड़ की वसूली
Nagpur Property Tax News: नागपुर मनपा को संपत्ति कर से 400 करोड़ की आय का लक्ष्य है, लेकिन सरकारी विभागों पर ही 136 करोड़ बकाया है। मनपा जल्द ही नोटिस भेजकर वसूली तेज करेगी।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स -सोशल मीडिया)
Nagpur Government Office Tax Dues: नागपुर मनपा के सर्वाधिक आय के स्रोतों में शामिल सम्पत्ति कर के माध्यम से लगभग 400 करोड़ की आय इस वित्तीय वर्ष में होने का अनुमान मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी ने बजट में लगाया था। वित्तीय वर्ष समाप्ति के लिए अब केवल 120 दिन का समय ही बचा हुआ है।
हालांकि मनपा का सम्पत्ति कर विभाग निजी सम्पत्तिधारकों से वसूली को लेकर सख्त तो हुआ है किंतु सरकारी कार्यालयों पर भी 136 करोड़ रुपए का कर बकाया है जिससे अब इन सरकारी कार्यालयों को बकाया अदा करने के लिए जल्द ही पत्र भेजने की जानकारी सूत्रों ने दी।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के 17 कार्यालयों पर कुल 136 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। नागपुर महानगरपालिका के राजस्व को बढ़ाने के लिए ये विभाग अब इन सरकारी कार्यालयों को वसूली के रडार पर ले रहे हैं। बताया जाता है कि इस 136 करोड़ रुपए के बकाया में सबसे अधिक पुलिस आयुक्तालय पर 33.89 करोड़ का बकाया है।
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प्रमुख बकायादार
- विभागीय क्रीड़ा संकुल : 16.65 करोड़ रुपए
- पुलिस आयुक्त इमारत : 12.82 करोड़ रुपए
- पुलिस ट्रेनिंग हॉस्टल : 9.75 करोड़ रुपए
- छत्रपति शाहू महाराज संशोधन इमारत : 8.4 करोड़ रुपए
- पारिवारिक न्यायालय : 4.19 करोड़ रुपए
- तहसील क्रीड़ा संकुल आहूजानगर : 4 करोड़ रुपए
- एफडीए (FDA) : 3.53 करोड़ रुपए
- तहसील ग्रामीण : 2.92 करोड़ रुपए
- मेडिकल ई-लाइब्रेरी : 2.14 करोड़ रुपए
- समाज कल्याण उपायुक्त : 1.28 करोड़ रुपए
- ट्रामा सेंटर : 1.19 करोड़ रुपए
- सीआईडी पुलिस अधीक्षक : 62 लाख रुपए
- डागा ओपीडी : 1.80 करोड़ रुपए
मनपा की कार्रवाई
बताया जाता है कि कर वसूली के लिए मनपा प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है जिसका लक्ष्य 31 मार्च से पहले कम से कम 90 प्रतिशत वसूली करना है। मनपा ने आम नागरिकों से वसूली के लिए अलग से टीमें बनाई हैं। हालांकि शासकीय कार्यालयों के मामले में मनपा ने उन्हें सीधे कार्रवाई की सूचना देने की बजाय नियमों की याद दिलाने के लिए कदम उठाया है।
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मनपा ने स्पष्ट किया है कि यदि पत्र भेजे जाने के बाद भी शासकीय कार्यालय अपनी बकाया राशि अदा नहीं करते हैं तो महानगरपालिका को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। बकाया जमा न करने पर शासकीय कार्यालयों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
