वंचित बहुजन आघाड़ी का 2 मार्च को मुंबई में धरना, प्रकाश आंबेडकर ने व्यापार, राफेल और विदेश नीति पर उठाए सवाल

VBA Mumbai Protest: वंचित बहुजन आघाड़ी ने 2 मार्च को मुंबई में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना आंदोलन की घोषणा की है। प्रकाश आंबेडकर ने व्यापार नीति और विदेश नीति पर सवाल उठाए।
Prakash Ambedkar
प्रकाश आंबेड़कर (सौ. सोशल मीडिया )
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Prakash Ambedkar Press Conference: वंचित बहुजन आघाड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 मार्च को मुंबई में धरना आंदोलन आयोजित करने की घोषणा की है। यह जानकारी पार्टी अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने पत्रकार परिषद में दी।

उन्होंने केंद्र सरकार की व्यापार नीति, रक्षा सौदों और विदेश नीति पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए आंदोलन के माध्यम से जवाब मांगने की बात कही। साथ ही इस आंदोलन के लिए उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर को समर्थन देने की मांग की। उन्होंने मोदी को हटाने के लिए आम नागरिकों ने नागपुर में स्थित आरएसएस मुख्यालय के सामने धरना आंदोलन करने पर बल दिया।

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते में भारत के हितों की अनदेखी की गई है। उनका दावा है कि अमेरिका से आयात पर कोई शुल्क नहीं है, जबकि भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि यह स्थिति सही है तो इससे देश के व्यापार संतुलन और घरेलू उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सरकार को इस विषय पर स्पष्ट और विस्तृत जानकारी देनी चाहिए। पत्रकार वार्ता के दौरान आंबेडकर ने कथित एपस्टीन फाइल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित इस प्रकरण को लेकर सरकार को पारदर्शिता बरतनी चाहिए, उन्होंने कहा कि आज देश से 2 लाख से अधिक लड़कियां गायब है। यह एक चिंता का विषय है। इस पर देश के नागरिकों को सोचने की सख्त जरूरत है।

निजी समूहों को पहुंचाया लाभ

राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर भी उन्होंने सवाल उठाए, उनका कहना है कि भारत ने फ्रांस से अपेक्षाकृत अधिक कीमत पर विमान खरीदे। उन्होंने रक्षा खरीद प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त उन्होंने आरोप लगाया कि रूस से सस्ता तेल खरीदकर निजी उद्योग समूहों को लाभ पहुंचाया गया।

आंदोलन में शामिल हों राजनीतिक दल

  • उन्होंने पूछा कि क्या भारत की तेल आयात नीति में हालिया बदलाव अमेरिका के साथ किसी समझौते का परिणाम है।
  • रूस यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े संभावित अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी उन्होंने भारत की स्पष्ट विदेश नीति की मांग की। आंबेडकर ने अन्य राजनीतिक दलों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
  • उनका कहना है कि आर्थिक और कूटनीतिक नीतियों पर सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए व्यापक राजनीतिक एकजुटता आवश्यक है।
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