

Online Noise Complaint System: नागपुर सिटी में लॉन, विवाह समारोहों, डीजे, लाउडस्पीकर और पटाखों के कारण लगातार बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन जल्द ही 'पॉल्यूशन फ्री नागपुर' इंटीग्रेटेड ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली शुरू करने जा रहा है।
हाई कोर्ट में ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी और यह टिप्पणी की थी कि इससे नागरिकों के साथ-साथ जानवरों को भी काफी परेशानी हो रही है। अदालत के कड़े निर्देशों के बाद महानगरपालिका, पुलिस विभाग और जिलाधिकारी ने हाई कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर एक प्रभावी नियंत्रण प्रणाली विकसित करने की जानकारी दी है।
महानगरपालिका आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि मनपा की मौजूदा ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण प्रणाली का ही उपयोग 'पॉल्यूशन फ्री नागपुर' के लिए किया जाएगा। यह नई प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन होगी।
नागरिकों को मनपा की वेबसाइट पर जाकर शिकायत विकल्प चुनना होगा। मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से पहचान सत्यापित होने के बाद पर्यावरण विभाग का चयन करके ध्वनि प्रदूषण की शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
इस पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत एक ही समय में सीधे महानगरपालिका, पुलिस विभाग और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) को ट्रांसफर हो जाएगी। इस प्रणाली में शिकायत दर्ज करने से लेकर संबंधित जगह की जानकारी, पुलिस और एमपीसीबी को सूचना, कार्रवाई पर निगरानी, लंबित शिकायतों का एस्केलेशन और शिकायत के अंतिम निवारण तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग ने अदालत में बिना शर्त माफी मांगी। पुलिस ने यह स्वीकार किया कि घटनास्थलों पर ध्वनि की डेसिबल सीमा मापने के लिए उनके पास 'साउंड मेजरिंग मीटर' उपलब्ध नहीं थे। हालांकि विभाग ने अदालत को यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों को अनुमति देते समय और जांच के दौरान ध्वनि की सीमा मापने के लिए इन मीटरों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा।
प्रशासन अब केवल चेतावनी तक सीमित नहीं है बल्कि कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पुलिस उपायुक्त द्वारा अदालत में पेश किए गए अतिरिक्त हलफनामे के अनुसार संविधान चौक पर आयोजित एक कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन पाया गया।
कार्यक्रम के 5 आयोजकों में से एक के पास अनुमति नहीं थी जिसके खिलाफ बिना अनुमति कार्यक्रम करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत नोटिस जारी कर मामला दर्ज किया गया है।
जिन अन्य 4 आयोजकों को अनुमति मिली थी उनमें से 3 लुभेश मेश्राम, राकेश मोटघरे और धम्मदीप लोखंडे ने निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग किया। इन तीनों आयोजकों द्वारा अनुमति की शर्तों और नियमों का उल्लंघन किए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।