नागपुर पुलिस की अनोखी पहल: CP विश्वास नांगरे पाटिल की अगुवाई में शुरू हुआ अपराधियों का आदान-प्रदान अभियान
Nagpur Police Initiative: आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने अपराधियों का आदान-प्रदान अभियान शुरू किया है। इसके तहत हर सप्ताह 36 थानों के 180 अपराधियों की वरिष्ठ अधिकारियों के सामने परेड कराई जाएगी।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर पुलिस, विश्वास नांगरे पाटिल, (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो )
Weekly Criminal Identification Parade: नागपुर शहर की कमान संभालने के बाद सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने अपराधियों पर शिकंजा कसने और विभिन्न थानों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। अपराधियों का आदान-प्रदान नामक इस अभियान के तहत अब शहर के सक्रिय और आदतन अपराधियों की साप्ताहिक परेड ली जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत उत्तर और दक्षिण रीजन के प्रत्येक पुलिस थाने से 5-5 सक्रिय अपराधियों को लाया जाएगा। शहर के 36 पुलिस थानों से हर सप्ताह लगभग 180 अपराधियों को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पेश किया जाएगा।
इस परेड में सीपी नांगरे पाटिल, ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी। क्राइम ब्रांच सहित दोनों रीजन के डीआईजी, डीसीपी, एसीपी और थानेदारों के साथ उनकी डिटेक्शन ब्रांच (डीबी) के अधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रत्येक अपराधी को मंच पर लाकर उनके आपराधिक रिकॉर्ड, अपराध करने के तरीके, कार्यक्षेत्र और विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जानकारी अधिकारियों को दी जाएगी।
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आदतन अपराधियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सीपी ने बताया कि कई अपराधी एक से अधिक थाना क्षेत्रों में अपराध करते हैं, लेकिन जांच अक्सर संबंधित थाने तक ही सीमित रह जाती है। नई प्रणाली में यदि कोई अपराधी कई मामलों में वांछित पाया जाता है, तो उसे क्रमशः संबंधित थानों को जांच के लिए सौंपा जाएगा।
पूरी प्रक्रिया की निगरानी अपराध शाखा करेगी, जिससे कोई भी मामला अनदेखा न रह जाए। अपराधियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रतिबंधक कार्रवाई, तड़ीपारी और अन्य कानूनी कदम उठाने का निर्णय वरिष्ठ अधिकारी मौके पर ही करेंगे।
तैयार होगा अपराधियों का पूरा डोजियर
अभियान के तहत आदतन अपराधियों का डोजियर भी तैयार किया जाएगा, जिसमें उनके आपराधिक इतिहास, गिरफ्तारी, सहयोगियों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, पुलिस अपराधियों को संरक्षण देने वाले नेटवर्क की भी जांच करेगी, इसमें अपराधियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले, उनकी गतिविधियों में सहयोग करने वाले तथा जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्ध लोगों की भी पड़ताल की जाएगी।
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सीपी का कहना है कि अपराधी या तो शहर से बाहर या फिर जेल में रहने चाहिए, उन पर दबाव बनाने के लिए विभिन्न प्रतिबंधक उपाय योजना करना आवश्यक है। शहर में संगठित अपराध और आदतन अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए हर कदम उठाए जा रहे हैं।
