नागपुर पुलिस अलर्ट: ऑपरेशन थंडर 2.0 की समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था पर मंथन
Drug-Free Nagpur: विश्व मादक पदार्थ विरोधी दिवस पर नागपुर पुलिस ने ऑपरेशन थंडर 2.0 के तहत नशा मुक्त नागपुर संकल्प बैठक आयोजित की। जनप्रतिनिधियों ने गोपनीयता व सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठई।
- Written By: अंकिता पटेल
नशा मुक्त नागपुर, ऑपरेशन थंडर 2.0,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Operation Thunder 2.0: नागपुर विश्व मादक पदार्थ विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में नागपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन थंडर 2.0 अभियान के तहत मंगलवार को सदर स्थित जिला नियोजन भवन में ‘नशा मुक्त नागपुर संकल्प बैठक’ का आयोजन किया गया। शहर के सभी जनप्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने कहा कि शहर को नशा मुक्त करने के लिए सभी स्तर पर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का योगदान जरूरी है।
इस अभियान की समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की उपलब्धियों की सराहना की वहीं अवैध कारोबार और पुलिस व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। कई जनप्रतिनिधियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि अवैध गतिविधियों की सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन कई मामलों में यह गोपनीयता बरकरार नहीं रह पाती। उन्होंने सूचना देने वालों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की।
ऑपरेशन थंडर बना जनआंदोलन, नशे के खिलाफ पुलिस ने तेज की मुहिम
सीपी सिंगल ने अभियान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024 से 18 जून 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,168 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिसमें 1,515 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 23.21 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस ने 1,567 किलो से अधिक गांजा और करीब 17 किलो एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया है।
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उन्होंने बताया कि जनजागृति अभियान के तहत अब तक 850 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिनमें 1.44 लाख से ज्यादा नागरिकों की सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थंडर अब केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं रहा बल्कि नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता का व्यापक जनआंदोलन बन चुका है।
शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करना होगा। जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की जानकारी रहती है लेकिन कई बार यह जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंचती। नगरसेवकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे असामाजिक तत्वों की जानकारी पुलिस को दें, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सभी को मिलकर करना होगा प्रयास
बैठक में प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित महापौर नीता ठाकरे ने कहा कि पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के कारण लगातार ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार हो रहे हैं। नशा मुक्त और अपराध मुक्त नागपुर के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे, नगरसेविका आभा पांडे ने कहा कि उनके क्षेत्र में देर रात तक अवैध शराब, एमडी ड्रग्स और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां संचालित होती हैं।
उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग करते हुए कुछ थानों के डीबी स्क्वॉड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, सीपी ने कहा कि यदि ड्रग्स तस्करों के साथ डीबी स्क्वाड के किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत पाए जाने की शिकायत सत्य साबित होती है तो संबंधित डीबी दस्ते को भंग कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक के अंत में उपस्थित पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नागपुर को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया और शपथ ग्रहण की। बैठक में ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी, डीआईजी विनीता साहू, वसत परदेशी, राजेंद्र दाभाडे, पार्षद शिवानी दाणी, वसीम खान, सुबोध आचार्य, दिनेश यादव, शैलेश पांडे, निधि तेलगोटे, दर्शनी धवड़, बंडू राऊत, श्रीकांत आगलावे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे थे।
