पिंपरी-चिंचवड़: 4500 करोड़ के कर्ज में डूबी PCMC में वीआईपी शौक पर खर्च, नियमों से महंगी गाड़ियां खरीदी
Pimpri Chinchwad News: 4500 करोड़ के कर्ज में डूबी पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में नियमों के खिलाफ जाकर कमिश्नर और महापौर के लिए सीमा से अधिक महंगी गाड़ियां खरीदने पर खड़ा हुआ विवाद
- Written By: रूपम सिंह
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Financial Crisis : पिंपरी, (सं।) लगभग साढ़े 4 हजार करोड़ के भारी कर्ज में डूबी पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में जनता के खून-पसीने की कमाई पर वीआईपी ऐश-ओ-आराम का खुला खेल चल रहा है। एक तरफ वित्तीय संकट का रोना रोकर विकास कार्य रोके जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाकर अफसरों और नेताओं के लिए तय सीमा से अधिक कीमत की चमचमाती गाड़ियां खरीदी जा रही हैं।
दिलचस्प बात यह भी है कि शहरवासियों को फिजूलखर्ची रोकने का ज्ञान बांटने वाले मनपा आयुक्त ने खुद अपने ही आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने लिए आलीशान गाड़ी खरीदने की फाइल पास कर दी है। जनता को बुनियादी सुविधाएं देने का दावा करने वाले महापौर की आलीशान सवारी के लिए प्रशासन ने सरकारी तिजोरी का दिल खोलकर इस्तेमाल किया है।
तय सीमा से अधिक कीमत की गाड़ियां खरीदी गई
राज्य सरकार के नियमानुसार ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ ग्रेड की महानगर पालिकाओं के महापौर के लिए वाहन खरीदने की अधिकतम खर्च सीमा 20 लाख रुपये तय की गई है, जिसके लिए जुलाई 2020 में शासनादेश जारी हुआ था।
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इसी तरह, 17 सितंबर 2025 के आदेशानुसार मनपा आयुक्त के लिए गाड़ी खरीदने की वित्तीय सीमा 15 लाख रुपये निर्धारित है। लेकिन इन दोनों सरकारी आदेशों को ताक पर रखकर प्रशासन ने महापौर के लिए सीधे 30 लाख रुपये का आलीशान वाहन खरीदा, जो तय सीमा से पूरे 10 लाख रुपये अधिक है। वहीं, मनपा आयुक्त के लिए भी नियमों का उल्लंघन कर 19 लाख की गाड़ी खरीदी गई।
मनपा की आर्थिक स्थिति बेहद नाजुक
यह पूरी वीआईपी खरीदारी ऐसे समय में की गई है जब पिंपरी-चिंचवड मनपा की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। वर्तमान में मनपा पर लगभग 4 हजार 500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम देनदारियां (लायबिलिटी) बकाया हैं।
हालत यह है कि पिंपरी शहर की बुनियादी और बड़ी विकास परियोजनाओं दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए प्रशासन को नया कर्ज लेने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस गहरे आर्थिक संकट के बीच, जब मनपा के पास पहले से मौजूद प्रशासनिक वाहन पूरी तरह से अच्छी स्थिति में हैं, तब इतनी महंगी नई गाड़ियों की खरीद हैरान करती है।
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पांच साल पुरानी गाड़ियां भी पूरी फिट
- चौंकाने वाली बात यह भी है कि कुछ समय पहले ही मनपा आयुक्त डॉ। विजय सूर्यवंशी ने खुद मनपा की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने के लिए कड़े वित्तीय अनुशासन और मितव्ययिता की नीति की घोषणा की थी।
- उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को कड़े निर्देश दिए थे कि किसी भी तरह के अनावश्यक खर्चों पर तुरंत रोक लगाई जाए और प्रशासनिक खर्चों को सीमित किया जाए। लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि आयुक्त ने खुद के और महापौर के लिए महंगी गाड़ियां खरीदकर इस बचत नीति को अपनी सुविधानुसार पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है।
- रिकॉर्ड के अनुसार, पांच साल पहले अप्रैल 2021 में तत्कालीन महापौर के लिए 19 लाख 91 हजार 579 रुपये की गाड़ी खरीदी गई थी। अब भी पूरी तरह फिट है, फिर भी दोबारा 30 लाख रुपये की नई गाड़ी खरीदना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
