

Nagpur Residents Rescued Kathmandu: नेपाल में भारी बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम के बीच पिछले तीन दिनों से फंसे नागपुर के 106 श्रद्धालु आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आए हैं। नेपाल सीमा पार करने के बाद सभी श्रद्धालु बिहार के सीतामढ़ी पहुंचे, जहां स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की। इसके बाद उन्हें पटना के लिए रवाना किया गया।
नागपुर के श्रीधर महाराज के नेतृत्व में 115 श्रद्धालुओं का जत्था 22 तारीख को नेपाल के लिए रवाना हुआ था। 24 तारीख को गोरखपुर से दो ट्रैवल बसों के जरिए यह जत्था काठमांडू पहुंचा। वहां श्रद्धालुओं ने महाशिवपुराण कथा, धार्मिक अनुष्ठान और पर्यटन स्थलों का आनंद लिया।
हालांकि, इसके तुरंत बाद प्राकृतिक आपदा और खराब मौसम के कारण हालात बिगड़ गए। भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के बीच श्रद्धालुओं को करीब दो दिनों तक मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
हालांकि, इसके तुरंत बाद प्राकृतिक आपदा और खराब मौसम के कारण हालात बिगड़ गए। भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के बीच श्रद्धालुओं को करीब दो दिनों तक मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
न्यूज़ इनपुट के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले का संज्ञान लेकर प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय किया। सरकार के प्रयासों के तहत श्रद्धालुओं की वापसी के लिए पटना-नांदेड़ एक्सप्रेस में थर्ड एसी का एक विशेष कोच लगाया गया है।
ट्रेन शनिवार सुबह 7 बजे पटना से रवाना होगी और यात्रियों के रविवार तड़के नागपुर पहुंचने की जानकारी दी गई है।
इसी जत्थे की इंदिरा चौधरी, सुलोचना खापरे, दीपक पांडे और वर्षा उपाध्याय शुक्रवार दोपहर काठमांडू से हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचे। इसके बाद वे केरल एक्सप्रेस से नागपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। उनके शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे नागपुर पहुंचने की जानकारी दी गई है।
जत्थे के साथ गईं 72 वर्षीय निर्मला शेषमणि पांडे की काठमांडू में अचानक तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों की जांच के बाद उन्हें काठमांडू के शहीद गंगालाल नेशनल हार्ट केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इनपुट के अनुसार, एंजियोग्राफी रिपोर्ट में ब्लॉकेज सामने आने के बाद डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी की सलाह दी है।
निर्मला पांडे के बेटे रूपेश पांडे ने इलाज के भारी खर्च और मां की गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय से मेडिकल सहायता और एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। सीएमओ ने काठमांडू के सांसद संदीप राणा और भारतीय दूतावास से संपर्क साधा है।
इसी बीच रूपेश की बहन वनिता तिवारी की भी सीतामढ़ी में तबीयत खराब हुई थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।