एसटी बस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Parshivni Transport Service: देश अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन पारशिवनी तहसील के अंतिम गांव, घाटपेढ़री में आज भी राज्य परिवहन निगम (एसटी) की बस सेवा का इंतजार जारी है। आजादी के इतने सालों बाद भी यह गांव सार्वजनिक परिवहन से जुड़ नहीं सका है और इस इलाके के नागरिकों को आर्थिक और सामाजिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
घाटपेढ़री गांव जो मध्यप्रदेश की सीमा से लगा हुआ है, अपने जटिल रास्तों और लंबी दूरी के कारण राज्य परिवहन निगम से बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाया है। पारशिवनी शहर से लगभग 50 किमी दूर स्थित इस गांव में बिजली की व्यवस्था मध्यप्रदेश शासन द्वारा की जाती है, लेकिन बिजली बिल का भुगतान करने के लिए ग्रामीणों को पारशिवनी शहर आना पड़ता है।
यह गांव कोलितमारा ग्रापं का हिस्सा है और यहां सरकारी जिप स्कूल से लेकर सरकारी चिकित्सालय तक की सेवाएं उपलब्ध हैं। बावजूद इसके, यहां आज तक राज्य परिवहन निगम की बस नहीं पहुंची है। इसका कारण क्या है, यह सवाल कई सालों से स्थानीय नागरिकों के मन में है।
इसके स्थान पर, इस गांव के लोग अपनी जरूरी वस्तुएं बिछुआ गांव से लाते हैं, जो मध्यप्रदेश में स्थित है। बिछुआ गांव तक पहुंचने के लिए इन लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और बारिश के मौसम में यह संपर्क लगभग टूट जाता है।
घाटपेढ़री गांव और पारशिवनी के बीच 18 किलोमीटर लंबा मार्ग खतरनाक और उबड़-खाबड़ होने के कारण किसी आपात स्थिति में चार पहिया वाहन भी इस रास्ते पर नहीं पहुंच पाते हैं। इस रास्ते को पार करने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है। कुछ साल पहले, तत्कालीन विधायक एड. आशिष जायसवाल ने इस मार्ग के निर्माण के लिए 250 लाख रुपये की मंजूरी दिलाई थी, और वर्तमान में इस मार्ग के खड़ीकरण का काम जारी है।
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हालांकि, इस परियोजना की गति धीमी है, और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मार्ग के दोनों छोर पर 3-3 किलोमीटर काम हो चुका है, जबकि मध्य के हिस्से में कोई गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है। इस रास्ते का निर्माण पूरा होने के बाद, घाटपेढ़री गांव में राज्य परिवहन निगम की बस सेवा शुरू हो सकती है, ऐसी उम्मीद ग्रामीणों ने जताई है। फिलहाल, निजी वाहन ही इस मार्ग पर आम नागरिकों को पारशिवनी और अन्य जगहों तक पहुंचाते हैं।
दिलचस्प यह है कि कोलितमारा गांव में राज्य परिवहन निगम की बस सेवा पहले से ही चल रही है, लेकिन घाटपेढ़री गांव के लिए यह सेवा क्यों शुरू नहीं हो पाई, यह एक बड़ा सवाल है। नागरिकों का कहना है कि यदि पारशिवनी से घाटपेढ़री तक एसटी बस सेवा शुरू होती है, तो न केवल घाटपेढ़री, बल्कि आसपास के गांवों जैसे आमगांव, बाबलुवाड़ा, चारगांव, सुवरधरा, बनेरा, ढवलापुर आदि को भी इसका फायदा होगा। यह सेवा ग्रामीणों को बारिश के मौसम में भी शहरी क्षेत्र से जुड़ा रखेगी और उनके आवागमन में सुविधा प्रदान करेगी।
नागरिकों की यह उम्मीद कब पूरी होगी, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इस मुद्दे पर राज्य परिवहन निगम को गंभीरता से विचार करना चाहिए। यदि इस गांव तक बस सेवा शुरू होती है, तो क्षेत्र के नागरिकों को बहुत राहत मिलेगी और उनकी यात्रा को भी सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।