पंचनामा बाद में, पहले मदद करे सरकार, कांग्रेस ने लगाई गुहार, बोले- औपचारिकता में उलझी सरकार
Congress: महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस नुकसान का जायजा लेने के लिए कांग्रेस ने कई समितियों का गठन किया है और सरकार के सामने यह मांगे रखी है।
- Written By: प्रिया जैस
हर्षवर्धन सपकाल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Harshwardhan Sapkal: अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का पंचनामा बाद में करने और पहले मदद देने की मांग कांग्रेस ने सरकार से की है। सरकार ने अपने मंत्रियों को नुकसानग्रस्त इलाकों का दौरा करने व तत्काल पंचनामा के निर्देश दिए हैं। इधर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि पंचनामा से पहले किसानों को मदद की जरूरत है। उन्होंने संभाग निहाय समितियां गठित की हैं।
विदर्भ के अमरावती व नागपुर संभाग में भी संबंधित समिति खेतों में जाकर नुकसान का जायजा लेगी। कांग्रेस ने मांग की है कि संकट में फंसे किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये तत्काल सहायता दी जाए और जिनकी खेत जमीन बह गई है उन्हें प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये की मदद दी जाए।
नागपुर की समिति में बर्वे व भोयर
नागपुर संभाग में जायजा लेने के लिए जो समिति बनाई गई है उसमें सांसद नामदेव किरसान, प्रशांत पडोले, श्यामकुमार बर्वे के साथ ही प्रदेश महासचिव सुरेश भोयर, रवींद्र दरेकर, संतोष सिंह रावत को शामिल किया गया है। समिति को खेती, पशुधन, घरेलू सामान और अन्य नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
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वहीं अमरावती संभाग समिति में माणिकराव ठाकरे, यशोमती ठाकुर, विधायक अमित झनक, अनिल मांगूलकर, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, महेश गणगणे, प्रकाश तायडे को शामिल किया गया है। सपकाल ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार में थी तब फसल के लाल्या रोग, बोंड इल्ली, ओलावृष्टि और चक्रवात जैसे संकटों में तुरंत मदद दी जाती थी लेकिन भाजपा-युति सरकार सिर्फ नियमों, शर्तों और औपचारिकताओं में उलझी है।
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इतना बड़ा नुकसान होने के बाद भी सरकार पंचनामों में अटकी है। पहले मदद दो, बाद में कागजी प्रक्रिया पूरी करो। कांग्रेस ने छत्रपति संभाजीनगर, जालना, लातूर, बीड, धाराशिव, नांदेड़, परभणी, हिंगोली, उत्तर महाराष्ट्र और सोलापुर जिले के लिए भी समिति गठित की है।
