नागपुर मनपा की लापरवाही: मानसून पूर्व पेड़ों की छंटाई ठप, बिजली तारों तक पहुंचीं शाखाएं, हादसे का डर
Nagpur Road Safety News: नागपुर में मानसून से ठीक पहले पेड़ों की छंटाई का काम शुरू नहीं हो सका है। कई मुख्य मार्गों पर बिजली के तारों तक शाखाएं पहुंच चुकी हैं, जिससे हादसों और जनहानि का खतरा बढ़ गया।
- Written By: रूपम सिंह
पेड़ों की छंटाई (सोर्स - सोशल मीडिया)
Nagpur Road Safety Tree Trimming: मई माह आधा बीत चुका है। करीब 1 महीने में मानसून के शुरू होने की संभावना है। ऐसे में पेड़ों की छंटाई का कार्य अनिवार्य है। मानसून पूर्व पेड़ों की छंटाई का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। हर वर्ष बारिश के दौरान पेड़ों की शाखाएं टूटने और पेड़ों के धराशायी होने की घटनाएं सामने आती हैं लेकिन इस बार भी संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ तो हादसों से इनकार नहीं किया जा सकता है।
ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेड़ों की छंटाई में ‘देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए।’ शहर के कई प्रमुख मार्गों और रिहायशी इलाकों में पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाएं बिजली के तारों तक पहुंच चुकी हैं। ऐसे में तेज बारिश और आंधी के दौरान हादसों की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून में पेड़ धराशायी हो जाते हैं। ऐसे में समय रहते छंटाई नहीं होने पर यातायात बाधित होने के साथ जनहानि का खतरा भी बना रहेगा।
बता दें कि बरसात शुरू होने से पहले सूखी और कमजोर शाखाओं की कटाई अनिवार्य होती है, ताकि पेड़ों के गिरने की घटनाओं को कम किया जा सके। बेमौसम बारिश में भी घटनाएं बता दें कि बीते दिनों शहर में बेमौसम बारिश और आंधी में कई इलाकों में पेड़ धराशायी हुए थे। इससे यातायात बाधित होने के साथ वाहनों को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद मनपा की छंटाई कार्य में देरी चिंता का विषय बनी हुई है। जब बेमौसम बारिश में ही नुकसान हुआ तो मानसून में स्थिति अधिक चिंताजनक हो सकती है।
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निजी संपत्ति को भारी नुकसान
बीते वर्षों भी मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। साथ ही वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। पेड़ छंटाई के कार्य की अनदेखी से निजी संपत्तियों को भारी नुकसान होता है। यदि समय रहते पेड़ों की छंटाई कर दी जाए तो काफी हद तक निजी संपत्तियों के नुकसान को टाला जा सकता है।
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जानलेवा घटनाओ की बढ़ी आशंका
बताते चलें कि काटोल रोड, वेस्ट हाई कोर्ट रोड, ईस्ट हाई कोर्ट रोड, वर्धा रोड, अमरावती रोड समेत कई मुख्य मार्गों पर सड़क किनारे पेड़ मौजूद है। छंटाई नहीं होने के कारण पेड़ अचानक धराशायी हो जाते हैं। मुख्य मागों पर वाहनों की आवाजाही अधिक होती है। यदि मानसून में कोई पेड़ अचानक धराशायी होता है तो जानलेवा दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इस ओर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है।
