नितिन गडकरी के शहर में 27 साल से लटका 3 KM का रोड, तारीख पर तारीख से जनता बेहाल
Nagpur Road Delayed: नितिन गडकरी के गृह नगर नागपुर में मेयो अस्पताल से सुनील होटल तक का 3 किमी रोड 27 सालों से अधूरा है। मुआवजा, कोर्ट केस और मनपा की लापरवाही से जनता बेहाल है।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर में सड़क का एक भाग हुआ सीमेंटीकरण, दूसरा अधूरा (फोटो नवभारत)
Nagpur Road Construction News: देश के सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के शहर नागपुर के एक रोड ने उनके ही नाक पर दम कर रखा है। लगता है यह रोड लेटलतीफी का गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर ही छोड़ेगा। नागपुर के मेयो अस्पताल चौक से सुनील होटल चौक तक लगभग 3 किमी रोड के चौड़ाईकरण व सीमेंटीकरण का काम सारी अड़चनों को दूर करते हुए शुरू कर दिया गया था लेकिन अड़ंगा लगना तो इस रोड का दुर्भाग्य है, जिसके चलते करीब 27 वर्षों से लटका हुआ है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को भी बीते 9 साल
इतना ही नहीं वर्ष 2017 में तो बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने भी इस रोड को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था और इसे भी 9 वर्ष हो गए हैं लेकिन रोड का काम पूरा नहीं हुआ। अब कुछ प्रभावित नागरिकों ने मुआवजा को लेकर कोर्ट की शरण ली है। यह उनका अधिकार है लेकिन मामले को जनहित में जल्द से जल्द निपटाना भी दूसरे पक्ष को जरूरी है। यह दूसरा पक्ष मनपा है।
प्रशासनिक उदासीनता और तारीख पे तारीख का खेल
इस मामले में नागपुर मनपा के वकील सुनवाई के दौरान पहुंचते ही नहीं और पहुंचते हैं तो कोई न कोई कारण बताकर कोर्ट ने सुनवाई की तारीख आगे की मांग लेते हैं। अब यह रोड ‘तारीख’ पर ही लटक गया है।
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मेयो अस्पताल चौक से सुनील होटल चौक तक रोड निर्माण के लिए निधि की कोई कमी नहीं है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने विभाग से 100 करोड़ पहले ही दिये हैं और प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार ने पूरी निधि दे रखी है। जिन लोगों ने मुआवजा लिया इनकी बाधित प्रॉपर्टी को तोड़ने का काम भी हुआ है लेकिन अनेक प्रॉपर्टी ऐसी हैं जहां मुआवजा दिया जा चुका है लेकिन बाधित हिस्सा नहीं तोड़ा गया है।
कुछ प्रभावित हाई कोर्ट में गए हैं और मामला अब लटका हुआ है। मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दडवे ने बताया कि 8 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई थी लेकिन प्रशासन के पक्ष के वकील बाहर गांव गए हुए थे, इसलिए वह तारीख अब 20 जुलाई हो गई। इसके पूर्व भी नगर प्रशासन के वकील द्वारा तीरीखें आगे बढ़वाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी व मनपा आयुक्त इस संदर्भ में उदासीन नजर आ रहे हैं। टाइमपास किया जा रहा है और नागरिक परेशान हो गए हैं।
मंत्री नितिन गडकरी ही लें संज्ञान
मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दडवे ने कहा कि इस ‘तारीख पर तारीख’ के खेल के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को खुद ही संज्ञान लेना चाहिए। अगर वे संबंधित अथॉरिटी के आलाधिकारियों से जवाब-तलब करेंगे तो संभवत: प्रशासन कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए तत्पर रहेगा और कुछ निर्णय निकलेगा। अन्याथ तारीख पे तारीख चलती ही रहेगी।
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अधूरा रोड बन गया परेशानी का सबब
जितना हिस्सा बाधा मुक्त कर संबंधित ठेकेदार को सौंपा गया था उन हिस्सों में रोड के सीमेंटीकरण का कार्य शुरू किया गया था लेकिन एक ही साइड के हिस्से का सीमेंटीकरण हुआ है। दूसरी साइड का काम करीब 2 महीनों से बंद पड़ा है। हालत यह है कि सीमेंट रोड वाला हिस्सा लोगों के वाहन पार्किंग के लिए उपयोग किया जा रहा है और दूसरी साइड में खुदाई कर रखा गया हिस्सा पहले ही बंद है। बारिश के दौरान इस हिस्से में कीचड़ भी हो गया था। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इंतजार किया जा रहा है कि कब यह रोड पूरा हो और कब राहत मिले।
