

Nagpur Railway Station 6 Lane Road Project: नागपुर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित व्यस्त फ्लाईओवर को तोड़कर उसकी जगह 6-लेन चौड़ी सड़क बनाने और फ्लाईओवर के नीचे प्रभावित दुकानदारों के उचित पुनर्वास का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इस पूरी योजना को लेकर सैयद साकिर अली अब्दुल अली द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका पर हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए अब राज्य के नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने अदालत में एक विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत किया।
हलफनामे के अनुसार 'नगरोत्थान महाभियान' के तहत सड़क चौड़ीकरण और भूमि अधिग्रहण के लिए 31.33 करोड़ रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दिए जाने की जानकारी हाई कोर्ट को दी गई। याचिकाकर्ता की पैरवी अधिवक्ता महेश धात्रक कर रहे हैं।
हलफनामे के अनुसार 12 मार्च 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के माध्यम से सीताबर्डी रेलवे स्टेशन के पास मौजूदा 24 मीटर चौड़ी विकास सड़क और 25 मीटर तक सुविधाओं के चौड़ीकरण के लिए 31.33 करोड़ रुपये के फंड को प्रशासकीय मंजूरी दी गई है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए भूमि अधिग्रहण के लिए 30 मार्च 2026 को 5.90 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी भी की जा चुकी है।
नगर विकास विभाग ने 22 फरवरी 2024 के सरकारी प्रस्ताव के तहत इस फंड के उपयोग के लिए कड़े और पारदर्शी नियम तय किए हैं। स्वीकृत योजना का सरकारी हिस्सा अनुदान के रूप में 3 किस्तों में वितरित किया जाएगा। इस राशि को सुरक्षित रखने के लिए मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार नामित बैंकों में एक अलग बैंक खाता खोलना अनिवार्य है जिसमें नागपुर मनपा का हिस्सा भी जमा किया जाएगा।
नागपुर रेलवे स्टेशन के सामने 6-लेन सड़क प्रोजेक्ट के लिए निधि की दूसरी किस्त तभी जारी की जाएगी जब पहली किस्त की कुल राशि का 75% खर्च कर लिया जाएगा। इसके लिए नगर प्रशासन निदेशालय के माध्यम से सरकार को उपयोगिता प्रमाणपत्र सौंपना अनिवार्य होगा।
नागपुर मनपा ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू कर दी है। उपविभागीय अधिकारी और भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा 20 मई 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन अधिनियम (MRTP), 1966 की धारा 19 के साथ-साथ 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' के तहत निकाली गई है।
हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धारा 19 के तहत कार्यवाही पूरी होने के बाद, भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 21(i)(iv) के तहत आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी।