Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नागपुर: निकाय चुनाव पर फिर लटकी तलवार! आरक्षण 50% पार, आयोग की ‘गलत व्याख्या’ से बढ़ी मुसीबत

Nagpur News: सुप्रीम कोर्ट की 50% आरक्षण सीमा का उल्लंघन होने पर निकाय चुनाव रद्द होने की आशंका। नागपुर ZP समेत कई निकायों में आरक्षण सीमा पार, आयोग पर सवाल खड़े हो गए है।

  • By प्रिया जैस
Updated On: Nov 19, 2025 | 03:19 PM

निकाय चुनाव वोटर्स (सौजन्य-IANS, कंसेप्ट फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

Reservation 50 Percent Limit: निकाय चुनाव में विविध वर्ग के लिए सीट आरक्षण 50 फीसदी से किसी भी सूरत में अधिक नहीं होना चाहिए। यह स्पष्ट आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। 2 दिन पूर्व सीमा से ऊपर आरक्षण प्रतिशत जाने पर निकाय चुनाव रद्द करने की चेतावनी भी सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी है। उससे बाद से यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि क्या निकाय चुनाव रद्द हो जाएंगे जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है क्योंकि एससी, एसटी और ओबीसी प्रवर्ग का आरक्षण 50 फीसदी से ऊपर गया है।

कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग ने ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण की व्याख्या करते हुए पुराने फ़ॉर्मूले के आधार पर सीटें तय कीं। ऐसा करते समय उन्होंने आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा की अनदेखी की। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जो अर्थ निकाला उससे गड़बड़ी पैदा हुई और अब चुनाव संकट में पड़ सकते हैं।

नागपुर जेडपी में सीमा हुई पार

नागपुर जिला परिषद का ही उदाहरण लें तो यहां कुल 57 सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें से एससी के लिए 10, एसटी के लिए 8 और ओबीसी के लिए 15 सीटें आरक्षित की गई हैं। 24 सीटें ओपन वर्ग के लिए हैं। 57 सीटों का 50 फीसदी पकड़ें तो कुल 28 सीटें आरक्षित होनी चाहिए लेकिन यहां 33 सीटें आरक्षण में गई हैं।

सम्बंधित ख़बरें

वर्धा पुलिस की ‘वॉशआउट मुहिम’: तड़के 4 बजे 19 थानों की रेड, 2.29 करोड़ की अवैध शराब स्वाहा!

Navi Mumbai Municipal Election 2025-26 के लिए ईवीएम पूरी तरह तैयार, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

यवतमाल जिला परिषद: SC योजनाओं पर 60 करोड़ भी नहीं खर्चे, आचार संहिता ने बिगाड़ा विकास का गणित

Road Safety Campaign: पुष्पा स्टाइल में श्रेयस तलपड़े का संदेश, सिग्नल देखते ही रुक जाओ

यह भी पढ़ें – मुंबई में जीतेगी महायुति! बागियों की वापसी पर बावनकुले का दांव, बोले- नामांकन वापस होंगे!

50 फीसदी से अधिक 5 सीटें अधिक आरक्षित हो गई हैं। आरक्षण की ऐसी ही स्थिति राज्यभर में नगर परिषद, नगर पंचायत, जिला परिषद और मनपा की भी है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने आंखें टेढ़ी कीं तो चुनाव रद्द भी कर सकती है।

ओबीसी सीटें कम करना ही रास्ता

चुनाव को 50 फीसदी आरक्षण की सीमा में रहकर करना है तो ओबीसी की सीटों को ही कम करना होगा। एससी और एसटी की सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। केवल ओबीसी की सीटें कम कर उन्हें सामान्य ओपन वर्ग में शामिल किया जाएगा। सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने वाली सीटें लॉटरी सिस्टम से तय की जा सकती हैं।

ऐसा किया गया तो सभी सीटों पर आरक्षण प्रक्रिया फिर से लागू करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय भी बचेगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट का 50 फीसदी सीमा वाला निर्देश स्पष्ट था तो आयोग ने वैसा क्यों नहीं किया, क्या चुनाव टालना ही उद्देश्य था।

Nikay chunav reservation 50 percent crisis supreme court warning

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 19, 2025 | 09:55 AM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Maharashtra Local Body Elections
  • Nagpur

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.