नीट परीक्षा अपडेट: परीक्षा के मद्देनजर 20-21 जून को मेडिकल हॉस्टल बंद रखने के निर्देश, छात्र संगठन में आक्रोश
Nagpur NEET Re-Exam: नीट पुनर्परीक्षा से पहले एनएमसी के छात्रावास संबंधी निर्देशों पर विवाद खड़ा हो गया है। छात्र संगठनों ने इसे अनुचित बताते हुए आदेश का विरोध किया है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, नीट, पुनर्परीक्षा, एनएमसी, छात्र विरोध,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Medical Students Protest: नागपुर रविवार को देशभर में ‘नीट’ परीक्षा आयोजित की जा रही है। पेपर लीक के कारण यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है। हालांकि पिछले 2 महीनों से इस परीक्षा को लेकर देशभर में ‘जेन जी’ पीढ़ी का गुस्सा जारी है। परीक्षा लीक से लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं और सरकार को इस मामले में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
इसके बावजूद सरकार अपनी विफलता का विभिन्न माध्यमों पर मढ़कर बचाव का रास्ता ढूंढ रही है। 18 जून को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से एक आदेश जारी कर देशभर के कॉलेजों और छात्रावासों में पढ़ने वाले और रहने वाले छात्रों को परीक्षा के मद्देनजर एहतियात के तौर पर 20 और 21 जून को अपने कमरे बंद रखने का सख्त निर्देश दिया है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि उन्हें केवल अत्यंत जरूरी परिस्थितियों में ही इससे छूट दी जाएगी। आरोप है कि मेडिकल छात्रों ने इस परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता में हस्तक्षेप किया है। हालांकि मेडिकल छात्र संगठनों द्वारा इस आदेश की कड़ी निंदा की जा रही है।
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अधिकारियों ने लिया परीक्षा केंद्रों का जायजा, रहेगा तगड़ा बंदोबस्त
रविवार को होने जा रही नीट पुनर्परीक्षा में नागपुर सहित आस-पास के क्षेत्रों से कुल 11,984 विद्यार्थी शामिल होने वाले हैं। शनिवार को पुलिस विभाग ने सुरक्षा का व्यवस्था का मॉक ड्रिल किया। इसके साथ ही आला अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों में लगाए गए बंदोबस्त का जायजा भी लिया। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की मुस्तैदी होगी, शनिवार की सुबह 5 बजे शुरू हुए इस अभ्यास में करीब 450 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक वाहनों को शामिल किया गया। पुलिस ने गोपनीय प्रश्न पत्रों की प्राप्ति से लेकर उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास किया।
अधिकारियों के अनुसार प्रश्न पत्र भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से नागपुर लाए गए हैं। इन्हें तीन बैंक लॉकरों में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है। पूरे अभियान के लिए पोस्टमास्टर जनरल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा के लिए कुल 30 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 29 केंद्र नागपुर शहर और 1 केंद्र बुटीबोरी में है।
प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन और परीक्षा व्यवस्था के लिए 400 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ एपीआई और पीएसआई स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रश्न पत्रों के आवागमन के लिए करीब 30 एस्कॉर्ट वाहनों का उपयोग किया जाएगा।
पारंपरिक या धार्मिक परिधान पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
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गुणवत्ता और पारदर्शिता का समर्थन
महाराष्ट्र, मार्ड, महासचिव डॉ. आशुतोष आहे ने कहा की- ”मेडिकल प्रवेश में गुणवत्ता और पारदर्शिता का रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा पूर्ण समर्थन किया जाता है। नीट की विश्वसनीयता पूरे चिकित्सा पेशे के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन इसे इतनी सख्ती से लागू नहीं किया जाना चाहिए कि वास्तविक समस्याएं या पूर्व निर्धारित बातें खारिज हो जाए। कदाचार का असली समाधान परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करना और जांच को शीघ्रता से पूरा करना है, इससे पूरे चिकित्सा पेशे पर दबाव नहीं पड़ना चाहिए।”
