Navbharat Education Summit 2026: सिर्फ थ्योरी नहीं, स्किल भी जरूरी, नई शिक्षा नीति पर बोले डॉ. भीमराया मेत्री
Nagpur Skill Based Education: नवभारत एजुकेशन समिट-2026 में डॉ. भीमराया मेत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य ऑलराउंड विद्यार्थी तैयार करना है। थ्योरी के साथ स्किल आधारित शिक्षा जरूरी है।
- Written By: अंकिता पटेल
नवभारत एजुकेशन समिट, डॉ भीमराया मेत्री, (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो )
Nagpur National Education Policy Implementation: ‘नवभारत एजुकेशन समिट-2026’ में शिक्षाविद् डॉ. भीमराया मेत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किसी एक विषय का विशेषज्ञ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें बहुमुखी प्रतिभा (ऑलराउंड) से संपन्न और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल है।
थ्योरी के साथ स्किल आधारित शिक्षा जरूरी
डॉ. भीमराया मेत्री ने कहा कि आज के समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान (थ्योरी) पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल (स्किल्स) भी सिखाना आवश्यक है, ताकि वे बदलती तकनीक, उद्योग और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा व्यवस्था में स्किल-बेस्ड एजुकेशन, लर्निंग-बेस्ड कोर्स, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और वैल्यू एडेड कोर्सेज को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
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छठी कक्षा से शुरू हो कौशल विकास
डॉ. भीमराया मेत्री ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा की शुरुआत कक्षा छठी से ही कर दी जानी चाहिए। इससे छात्र-छात्राएं शुरुआती स्तर से ही अपनी रुचियों, क्षमताओं और व्यावहारिक दक्षताओं को विकसित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफल बनाने के लिए केवल पाठ्यक्रम में बदलाव पर्याप्त नहीं होगा। इसकी सफलता शिक्षकों की दक्षता, क्षमता विकास और निरंतर प्रशिक्षण पर भी निर्भर करेगी।
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डॉ. भीमराया मेत्री ने कहा कि यदि नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत बनाया जाए, तो देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
