नागपुर न्यूज
Illegal Sand Mining in Wardha River: नरखेड़ तहसील के खरबडी गांव के समीप बहने वाली वर्धा नदी के घाट में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन एक बार फिर उजागर हुआ है। हैरानी की बात यह है कि ठोस जानकारी और प्रत्यक्ष सबूत होने के बावजूद राजस्व प्रशासन ने सीधी कार्रवाई करने के बजाय पीछे हटना चुना, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों द्वारा अवैध रेत खनन की लिखित शिकायत किए जाने के बाद बुधवार 21 जनवरी तड़के राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने खरबडी के पास स्थित पवनी रेत घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई होते हुए तथा रेत से भरे ट्रैक्टरों का परिवहन प्रत्यक्ष रूप से देखा गया। इसके बावजूद न तो किसी वाहन को जब्त किया गया और न ही रेत का भंडार सील किया गया।
कर्मचारी बिना किसी कार्रवाई के मौके से लौट गए यह जानकारी सामने आते ही संदेह और गहरा गया। स्थानीय नागरिकों का सीधा सवाल है जब सब कुछ सामने दिख रहा था, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई? कार्रवाई से पीछे हटने का मतलब आखिर किसे संरक्षण देना है? यह सवाल अब खुलेआम उठाया जा रहा है। वर्धा नदी नागपुर और अमरावती जिलों की सीमा रेखा है।
ऐसे में सीमांकन अत्यंत आवश्यक है, लेकिन सीमांकन तय हुए बिना ही खनन जारी है। आरोप है कि अमरावती जिला प्रशासन और संबंधित ठेकेदार नागपुर जिले की सीमा में अवैध रूप से रेत खनन कर रहे हैं। पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें हुई हैं, लेकिन तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी और जिलाधिकारी स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
रेत खनन जैसे गंभीर मामले में खनिज विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जहां सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं संबंधित अधिकारी ‘नींद में’ होने का आरोप झेल रहे हैं। नागरिकों ने इस पर तीखी नाराजगी जताई है।
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सरकार ने भले ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को रेत उपलब्ध कराने के आदेश दिए हों, लेकिन नरखेड़ तहसील के सागवाडा, थडी पवनी, खेडी, खरबडी और महेंद्री जैसे रेत घाट नीलामी में शामिल ही नहीं हैं। इसके बावजूद इन्हीं घाटों से रोजाना भारी मात्रा में अवैध रेत खनन और परिवहन हो रहा है। अनुमान है कि अब तक 100 ब्रास से अधिक रेत की चोरी हो चुकी है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि राजस्व और पुलिस विभाग जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं। कागज़ों में कार्रवाई दिखाकर जमीनी स्तर पर समझौता किए जाने की आशंका और भी मजबूत हो रही है। भाजपा जिला महामंत्री दिलेश ठाकरे ने मांग की है कि वर्धा नदी पर दोनों जिलों की सीमा में चल रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं तथा सीमांकन पूरा होने तक सभी प्रकार का खनन तुरंत बंद किया जाए।