2 दिन पहले ही हो गया पेपर, नागपुर यूनिवर्सिटी की घोर लापरवाही, हजारों छात्रों पर पड़ी भारी

Nagpur University Exam Chaos: नागपुर विवि की बड़ी चूक - छात्र परीक्षा देने पहुंचे तो पता चला पेपर 2 दिन पहले हो चुका। गलत टाइम टेबल व सॉफ्टवेयर गड़बड़ी से हजारों छात्र प्रभावित।
Nagpur University Exam Chaos: नागपुर विवि की बड़ी चूक - छात्र परीक्षा देने पहुंचे तो पता चला पेपर 2 दिन पहले हो चुका। गलत टाइम टेबल व सॉफ्टवेयर गड़बड़ी से हजारों प्रभावित।
नागपुर यूनिवर्सिटी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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RTMNU Negligence: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा जल्दबाजी में साफ्टवेयर कंपनी को बदलने के निर्णय के साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को बैक सब्जेक्ट वाले बीए के छात्र केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पेपर तो बुधवार को ही हो गया। परेशान छात्रों ने परीक्षा विभाग से संपर्क किया तो परीक्षा मूल्यमापन संचालक ने भी अनभिज्ञता व्यक्त की।

सभी पेपर होने के बाद 20 दिसंबर के बाद परीक्षा लेने का आश्वासन दिया गया। इन दिनों विवि की शीत सत्र परीक्षाएं चल रही हैं। पहले चरण में बैक सब्जेक्ट यानी पूरक परीक्षा ली जा रही है। विवि द्वारा जारी किए गए प्रवेश पत्र के अनुसार शुक्रवार को बीए सेकंड सेमेस्टर का ओपन इलेक्टिव-2 विषय का पेपर था। सेवा सदन सेंटर में 165 छात्रों की परीक्षा ली जानी थी।

टाइम टेबल में ही गलत तिथि

वहां जब छात्र पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पेपर तो 10 दिसंबर को ही हो गया। यह स्थिति केवल एक सेंटर पर नहीं बल्कि 4 जिलों के 100 से अधिक केंद्रों पर बनी रही। केंद्र कर्मचारियों द्वारा सहयोग नहीं किया गया। दरअसल, विवि द्वारा टाइम टेबल में ही गलत तिथि दी गई और गलत तिथि वाले प्रवेश पत्र महाविद्यालयों को भेजे गये।

छात्रों का डेटा ही गायब

परीक्षा देने आए छात्रों के लिए यह स्थिति बेहद विचित्र थी। इसके पश्चात छात्र विवि के परीक्षा भवन में पहुंचे। अपनी समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अधिकारी भी सही जवाब नहीं दे सके। बाद में विभाग प्रमुख ने 20 दिसंबर के बाद परीक्षा लेने का आश्वासन दिया। यह लापरवाही डेटा एकत्रीकरण के कारण हुई।

साफ्टवेयर कंपनी के रिकॉर्ड में बीए सेकंड सेमेस्टर का ओपन इलेक्टिव का पेपर ही नहीं है। यानी डेटा में ये छात्र गायब हैं। इनकी संख्या हजारों में है। छात्रों ने बताया कि विवि प्रशासन परीक्षा के नाम पर एक तरह से मजाक कर रहा है। परीक्षा देने आये तो बताया गया कि पेपर हो गया, जबकि प्रवेश पत्र में आज (12 दिसंबर) की ही तिथि दी गई है।

समय पर नहीं दिया ध्यान

नई साफ्टवेयर कंपनी के बाद आने वाली दिक्कतों के बारे में ‘नवभारत’ ने पहले ही ध्यानकर्षण कराया था। कई छात्रों के विषय मैच नहीं होना, नाम गायब होने जैसी शिकायतें पहले ही मिली थीं लेकिन प्रशासन ने समय रहते सुधार नहीं किया। नई साफ्टवेयर कंपनी द्वारा पूरक परीक्षा में ही गड़बड़ी की जा रही है तो अभी नियमित परीक्षाएं तो बाकी हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ खिड़वाड़ है।

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