'अब पाकिस्तान से बातचीत का टाइम खत्म...', काबुल पर एयरस्ट्राइक से भड़का तालिबान, खाई बदले की कसम

Afghanistan Pakistan War: पाकिस्तान ने काबुल में ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत एयरस्ट्राइक की, जिसमें 400 नागरिक मारे गए। अफगान-तालिबान ने जवाबी हमले की चेतावनी दी, सीमा तनाव चरम पर।
Afghanistan Warns Pakistan
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Afghanistan Warns Pakistan: पाकिस्तान और अफगान-तालिबान के बीच पिछले दस दिनों से जारी संघर्ष ने एक नए मोड़ को छू लिया है। सोमवार की रात लगभग 9 बजे, पाकिस्तान ने अपने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत काबुल में सबसे बड़े एयरस्ट्राइक की कार्रवाई की, जिसमें अफगान अधिकारियों के मुताबिक एक अस्पताल को भी निशाना बनाया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में अब तक लगभग 400 नागरिकों की मौत हुई है और 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

पाकिस्तान सरकार ने इस हमले का वीडियो फुटेज जारी किया है और इसे उन ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया है जो उसके अनुसार सीमा पार हमलों की योजना बना रहे थे। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पहले ही कहा था कि अफगान-तालिबान ने पाकिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाकर ‘रेड लाइन’ पार की है, और इसी बयान के बाद यह एयरस्ट्राइक की गई।

तालिबान की पाकिस्तान को धमकी

इस हमले के बाद, इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के साथ अब कूटनीति का समय समाप्त हो गया है और अफगानिस्तान  इस हमले का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि यह हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका उचित प्रतिकार किया जाएगा।

डूरंड लाइन पर तनाव बढ़ा

सीमा पर स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। डूरंड लाइन पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और सीमापार गोलाबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तालिबान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, क्वेटा और रावलपिंडी में पाक सेना के ठिकानों पर हमले का दावा किया और कहा कि उन्होंने नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया।

पाकिस्तान ने हमले को बताया जरूरी

पाकिस्तान का कहना है कि यह अभियान उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक था और इसमें उन सैन्य प्रतिष्ठानों को लक्ष्य बनाया गया जो पाकिस्तान में हमलों को प्रायोजित कर रहे थे। हालांकि, काबुल में नागरिक इलाकों और अस्पतालों को निशाना बनाए जाने के बाद अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार में भारी आक्रोश फैल गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विवाद ने क्षेत्र में व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ा दिया है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते फिलहाल के लिए बंद नजर आ रहे हैं।

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