नागपुर में होंगे 40 पुलिस स्टेशन, डीसीपी पखाले को मिली नये परिमंडल 6 की कमान, देखें चार्ट

Nagpur News: नागपुर शहर की तेजी से बढ़ रही आबादी और भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए गृह विभाग द्वारा नये थानों की स्थापना की जा रही है। अब शहर में पुलिस थानों की संख्या बढ़कर 40 होने जा रही है।
Nagpur News: नागपुर शहर की तेजी से बढ़ रही आबादी और भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए गृह विभाग द्वारा नये थानों की स्थापना की जा रही है। अब शहर में पुलिस थानों की संख्या बढ़कर 40 होने जा रही है।
नागपुर पुलिस स्टेशन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur Police Station: नागपुर में कुछ थानों के कार्यक्षेत्र का विभाजन करके नये थाने बनाए जा रहे हैं तो ग्रामीण का क्षेत्र भी शहर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत लाया जा रहा है। सबसे बड़ा बदलाव परिमंडल 5 के कार्यक्षेत्र में हुआ है। खापरखेड़ा पुलिस थाना शहरी सीमा के अंदर आने के बाद परिमंडल 6 की स्थापना की गई। इस नये परिमंडल की कमान डीसीपी संदीप पखाले को सौंपी गई है।

वहीं जोन 5 के अंतर्गत नये थानों को जोड़ा गया है। इसके साथ ही शहर में अब साइबर पुलिस स्टेशन को छोड़कर कुल 40 पुलिस थाने होंगे। कामठी रोड पर कड़बी चौक से खापरखेड़ा और कामठी तक परिमंडल 6 का कार्य क्षेत्र होगा। पहले परिमंडल 5 के अधीन आने वाले जरीपटका, कपिलगर, कोराडी, न्यू और ओल्ड कामठी थाने अब परिमंडल 6 के अधीन होंगे।

परिमंडल की संरचना

इसके अलावा खापरखेड़ा और नया बनने वाले भिलगांव थाने को भी जोन 6 में डाला गया है जिससे कुल थानों की संख्या यहां 7 होगी। यहां एसीपी कामठी और जरीपटका ऐसे 2 डिवीजन होंगे। वहीं परिमंडल 5 में कुल 7 थाने आएंगे। यशोधरानगर, कलमना और पारडी के अलावा वाठोड़ा थाना क्षेत्र भी आएगा। परिमंडल 5 में 3 नये थानों की स्थापना हो रही है जिनमें कलमना गांव, गरोबा मैदान और भांडेवाड़ी का समावेश होगा। कलमना गांव और गरोबा मैदान के लिए प्रस्तावित जमीन का अवलोकन किया जा रहा है। भांडेवाड़ी पुलिस थाने का निर्माण लगभग पूरा होने आया है। जल्द ही इस थाने का उद्घाटन भी किया जाएगा। वहीं परिमंडल 4 में एक नया पुलिस थाना पिपला गांव भी होगा, जबकि परिमंडल 1 में कान्होलीबारा पुलिस थाना बनाया जा रहा है।

बढ़ रहे थानों में मनुष्यबल की कमी

अब सवाल ये उठता है कि सरकार बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर में नये-नये थानों की घोषणा और स्थापना तो कर रही है लेकिन इसकी तुलना में मनुष्यबल की भारी कमी है। अनेक पुलिस थाने ऐसे हैं जहां 1960 के दशक से पर्याप्त मनुष्यबल कभी उपलब्ध ही नहीं हुआ। वर्षों से कम मनुष्यबल में अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं। अब नये पुलिस थानों का निर्माण तो किया जा रहा है लेकिन जिन पुराने पुलिस थानों का एरिया इन थानों में जाएगा वहीं से मनुष्यबल भी लिया जा रहा है।

सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तो तैयार कर रही है लेकिन अपराध की रोकथाम के लिए मनुष्यबल सबसे ज्यादा जरूरी है। कुछ थानों को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी के क्षेत्र की आबादी 1 लाख के पार है लेकिन ऐसे बहुत कम थाने हैं जहां कर्मचारियों की संख्या भी 100 है।

जोन 5 और 6 में सबसे ज्यादा अपराध

अपराध के दृष्टिकोण से परिमंडल 5 और 6 के थाना क्षेत्र बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। हमेशा से यहां गंभीर अपराध होते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय में परिमंडल 5 में अपराध पर लगाम लगी है। न्यू और ओल्ड कामठी, कलमना, पारडी, खापरखेड़ा और कोराडी में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों की संख्या काफी अधिक है। अन्य राज्यों के लोग भी यहां आकर बस रहे हैं। सभी घनी आबादी वाले इलाके हैं। ऐसे में विशेष तौर पर इन दोनों ही परिमंडलों में पुलिस कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होनी चाहिए।

परिमंडल 1 के थाने परिमंडल 2 के थाने परिमंडल 3 के थाने परिमंडल 4 के थाने परिमंडल 5 के थाने परिमंडल 6 के थाने
वाड़ी सीताबर्डी कोतवाली इमामवाड़ा कलमना मार्केट जरीपटका
एमआईडीसी अंबाझरी गणेशपेठ अजनी कलमना गांव कपिलनगर
हिंगना धंतोली तहसील नंदनवन यशोधरानगर कोराडी
कान्होलीबारा सदर लकड़गंज सक्करदरा पारडी ओल्ड कामठी
राणाप्रताप नगर गिट्टीखदान पांचपावली हुड़केश्वर गरोबा मैदान न्यू कामठी
बजाजनगर मानकापुर शांतिनगर बेलतरोड़ी भांडेवाड़ी भिलगांव
सोनेगांव - - पिपला वाठोड़ा खापरखेड़ा
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